शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा में गुरुवार को गतिरोध जारी रहा और दो बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही सेकेंड की भीतर एक घंटे के लिए फिर स्थगित कर दी गयी।
दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद दोपहर बाद दो बजे जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई विपक्षी सदस्य श्री प्रधान के इस्तीफे और नीट पेपर लीक तथा प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर पर चर्चा की मांग करते हुए खड़े हो गये। वे काफी जोर-जोर से नारेबाजी करने लगे। शोर-शराबे के बीच ही उपसभापति हरिवंश ने उनसे कार्यसूची में शामिल विधेयक पर चर्चा होने देने की अपील की।
इसके बाद भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा तो उन्होंने कहा, “इसका मतलब है कि आप सदन नहीं चलने देना चाहते”, और कार्यवाही अपराह्न तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
इससे पहले सदन में लगातार चौथे दिन शून्यकाल और प्रश्नकाल भी नहीं हो सका था। विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक और फिर अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी थी।
सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरु होते ही विपक्षी सदस्यों ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया था। इस पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्षी दलों के साथ सत्ता पक्ष के दल भी नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा चाहते हैं, सरकार आज ही इस मुद्दे पर चर्चा कराने के पक्ष में है, लेकिन विपक्ष “शर्त रखकर चर्चा को रोकने का प्रयास” कर रहा है।
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भारी नारेबाजी और हंगामे के बीच नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पहले शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होना चाहिये। उनके इतना कहते ही सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
दोपहर 12 बजे जब कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो श्री खरगे ने कहा कि सरकार ने आगे आकर नीट के मुद्दे पर चर्चा की बात कही है। लाखों-हजारों लोग रास्तों पर घिरे बैठे हैं, छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और उनमें से कुछ अस्पताल में भर्ती हैं, उनके मां-बाप परेशान हैं। उन्होंने कहा, “सरकार चर्चा कराये हम तैयार हैं, लेकिन जबतक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं होगा, चर्चा शुरू नहीं होगी।
सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा ने विपक्ष के इस व्यवहार को बेहद गैर जिम्मेदाराना करार देते हुए कहा, “विपक्ष न चर्चा चाहता है और न ही सदन चलने देना चाहता है। नेता सदन ने कहा कि पहले विपक्ष ने कहा कि नीट पर चर्चा करो, सरकार इसके लिए तैयार हो गयी। फिर उन्होंने शर्त बदल दी कि शिक्षा मंत्री को पहले इस्तीफा देना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है।
इसी बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने जोर-जोर से बोलना शुरू कर दिया। सदन में अव्यवस्था की स्थिति बनते देख सभापति ने कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
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