लखनऊ। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची को लेकर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के दूसरे चरण के बाद शुक्रवार को जारी अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या 13 फीसदी घट कर 13.39 करोड़ हो गई है। अंतिम सूची में 2.04 करोड़ नाम कटे हैं। गौरतलब है कि एसआईआर से पहले अक्टूबर 2025 में उत्तर प्रदेश में कुल 15.44 करोड़ मतदाता थे।
एसआईआर के पहले चरण के बाद जारी मसौदा सूची में यह आंकड़ा 12.55 करोड़ हो गया था। इसमें 2.89 करोड़ लोगों के नाम कटे थे। मसौदा सूची से जो नाम कटे थे, उसमें 84 लाख नामों को अंतिम सूची में जोड़ा गया है। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अंतिम मतदाता सूची की जानकारी दी और बताया कि 2.04 करोड़ नाम कटे हैं। उन्होंने बताया कि लखनऊ में सबसे ज्यादा 9.14 लाख मतदाता कम हुए हैं। प्रयागराज में 8.26 लाख, कानपुर नगर में 6.87 लाख, आगरा में 6.37 लाख और गाजियाबाद में 5.74 लाख मतदाता कम हुए हैं।
प्रतिशत के लिहाज से डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की लखनऊ कैंट विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा 34.18 फीसदी मतदाता कम हुए हैं। संख्या के हिसाब से देखें तो आईटी मंत्री सुनील शर्मा की साहिबाबाद विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा 3,16,484 मतदाता कम हुए हैं। नवदीप रिणवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया अंतिम मतदाता सूची में 13,39,84,792 मतदाता शामिल हैं। इसमें पुरुष मतदाता 7,30,71,061 यानी 54.54 फीसदी और महिला मतदाता 6,09,09,525 यानी 45.46 फीसदी हैं।
