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  • बंगाल में 21 अप्रैल तक मतदाता सूची में नाम जुड़ेगा

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में कमाल हो रहा है। 23 अप्रैल को पहले चरण में 152 सीटों के लिए मतदान होना है और सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि 21 अप्रैल तक चुनाव आयोग पूरक मतदाता सूची जारी करे। सर्वोच्च अदालत ने गुरुवार, 16 अप्रैल को कहा कि 21 अप्रैल तक उन मतदाताओं को सूची में शामिल किया जाए, जिनकी अपीलों पर ट्रिब्यूनल में फैसला हो गया है। जिन लोगों की अपील पेंडिंग हैं, उन्हें वोट डालने की इजाजत नहीं होगी। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में 90.83 लाख वोटर्स के...

  • जो सवाल मंडराते रहेंगे

    पश्चिम बंगाल में ऐसी धारणा बनी है कि एसआईआर के दौरान निर्वाचन आयोग का नजरिया मतदाताओं को सूची से बाहर करने के बहाने ढूंढना वाला था। इससे भारत की चुनाव प्रणाली की साख पर टिकाऊ सवाल खड़े हुए हैँ। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष सहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर सर्वोच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची ने कई महत्त्वपूर्ण चिंताएं जताईं। उनका सार है कि कम-से-कम इस राज्य में एसआईआर प्रक्रिया साफ-सुथरी नहीं रही। नतीजतन, लाखों व्यक्ति मताधिकार से वंचित होते नजर आ रहे हैं। जस्टिस बागची ने “तार्किक विसंगतियों” का मुद्दा उठाया। ये मुद्दा तब उठा था, जब...

  • उत्तर प्रदेश में दो करोड़ से ज्यादा नाम कटे

    लखनऊ। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची को लेकर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के दूसरे चरण के बाद शुक्रवार को जारी अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या 13 फीसदी घट कर 13.39 करोड़ हो गई है। अंतिम सूची में 2.04 करोड़ नाम कटे हैं। गौरतलब है कि एसआईआर से पहले अक्टूबर 2025 में उत्तर प्रदेश में कुल 15.44 करोड़ मतदाता थे। एसआईआर के पहले चरण के बाद जारी मसौदा सूची में यह आंकड़ा 12.55 करोड़ हो गया था। इसमें...

  • बंगाल में मतदाता सूची जारी करने की तारीख बढ़ी

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का दूसरी चरण पूरा करने की समय सीमा सुप्रीम कोर्ट ने एक हफ्ते और बढ़ा दी है। सर्वोच्च अदालत ने अंतिम मतदाता सूची जारी करने के लिए 14 अप्रैल की सीमा को बढ़ा कर 21 अप्रैल कर दिया है। सोमवार को इस मामले में दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की रुकावट बरदाश्त नहीं की जाएगी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने कहा कि यह बात...

  • बंगाल में मतदाता सूची में देरी होगी

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन में देरी हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से लॉजिकल डिस्क्रिपेंसीज को दूर करने के लिए 10 दिन का समय दिए जाने के बाद चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया पूरी करने की समय सीमा बढ़ाई जा सकती है। आयोग अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीख बढ़ाने पर विचार कर रहा है। गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने सुनवाई की अंतिम तारीख सात फरवरी और अंतिम मतदाता सूची जारी करने तारीख 14 फरवरी तय की...

  • यूपी में दो करोड़ 90 लाख नाम कटेंगे

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के काम का पहला चरण पूरा हो गया। बढ़ाई गई दो हफ्ते की अवधि शुक्रवार को खत्म हो गई। पांच दिन के बाद 31 दिसंबर को मसौदा मतदाता सूची जारी होगी। लेकिन उससे पहले बताया गया है कि करीब दो करोड़ 90 लाख नाम कट सकते हैं। उत्तर प्रदेश के कुल मतदाताओं में लगभग 20 फीसदी मतदाताओं के नाम कट जाएंगे, जबकि पश्चिम बंगाल में सिर्फ आठ फीसदी के करीब नाम कटे हैं। एसआईआर का पहला चरण पूरा होने के बाद मुख्य चुनाव अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया,...

  • तमिलनाडु में 97 लाख नाम कटे

    नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के बाद आश्चर्यजनक रूप से सबसे ज्यादा नाम तमिलनाडु से कटे हैं। एसआईआर के पहले चरण के बाद तमिलनाडु की जो मसौदा मतदाता सूची जारी हुई उसमें 97 लाख नाम काटे गए हैं। एसआईआर से पहले राज्य में मतदाताओं की संख्या 6.41 करोड़ थी। अब यह घट कर 5.43 करोड़ हो गई है। राज्य में अब 2.66 करोड़ पुरुष और 2.77 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। गुजरात में 73 लाख से ज्यादा नाम कटे हैं। तमिलनाडु की मुख्य चुनाव अधिकारी के मुताबिक एसआईआर के बाद 97 लाख 37 हजार 832 मतदाता...

  • किस्तों में बढ़ाई जा रही है एसआईआर की तारीख

    मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की अंतिम समय सीमा एक बार फिर बढ़ाई गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी ने दो हफ्ते का और समय देने का आग्रह किया था। कुछ और राज्यों ने इस तरह का अनुरोध किया था तो चुनाव आयोग ने एक बार फिर एसआईआर की समय सीमा बढ़ाई है। सवाल है कि जिन राज्यों में अभी एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है उन राज्यों में अगर तत्काल चुनाव नहीं है तो फिर एक ही बार में चुनाव आयोग ने ज्यादा समय क्यों नहीं दिया, जो एक महीने की अंतिम तारीख देकर...

  • घुसपैठियों के खिलाफ अभियान का कितना फायदा?

    एक तरफ चुनाव आयोग मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का अभियान चला रहा है तो दूसरी ओर उत्तर प्रदेश सरकार ने घुसपैठियों की पहचान का अभियान शुरू किया है। उत्तर प्रदेश के 17 शहरों में यह अभियान चल रहा है और कई जगह डिटेंशन सेंटर बनाए जा रहे हैं, जहां संदिग्ध नागरिकों को रखा जाऐगा। घुसपैठियों की पहचान होनी चाहिए और उन्हें निकाला भी जाना चाहिए इससे किसी को आपत्ति नहीं हो सकती है। लेकिन यह अभियान प्रतीकात्मक और चुनावी लाभ के लिए नही होना चाहिए। जिस तरह से अमेरिका ने अवैध नागरिकों को पहचाना और उन्हें...

  • बंगाल में उलटी गंगा बह रही है

    पूरे देश में विपक्षी पार्टियां आरोप लगा रही हैं कि भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग की मिलीभगत से फर्जी वोटर बनवाए जा रहे हैं और असली मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। बिहार में मतदाता सूची से विशेष गहन पुनरीक्षण का विरोध इस आधार पर किया गया कि चुनाव आयोग ने योग्य मतदाताओं के नाम काट दिए हैं। पूरे देश में एसआईआर का विरोध इसी आधार पर किया जा रहा है। महाराष्ट्र से लेकर कर्नाटक तक राहुल गांधी ने फर्जी मतदाताओं से वोट करा कर भाजपा को जिताने का आरोप लगाया है। लेकिन पश्चिम बंगाल में उलटी गंगा...

  • केरल में एक करोड़ वोट कटने का डर

    बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का विरोध करने वाले संगठनों और बिहार की पार्टियों का कहना है कि उन्होंने विरोध किया, सड़क पर लड़े और कानूनी लड़ाई लड़ी इसलिए 69 लाख नाम कटे हैं अन्यथा डेढ़ करोड़ से ज्यादा नाम काटने की योजना थी। पार्टियों का कहना है कि एसआईआर की घोषणा से पहले चुनाव आयोग से मुलाकात हुई थी, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा था कि बिहार में 20 फीसदी वोट कटेगा। 20 फीसदी वोट का मतलब करीब एक करोड़ 60 लाख वोट है। उस समय मतदाता सूची में सात करोड़...

  • आखिर तक पर्दादारी!

    सवाल नहीं उठते, अगर निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेश की भावना के अनुरूप जारी मतदाता सूची में नाम जोड़ने या काटने की वजह भी बता दी होती। मगर आयोग ने यह नहीं किया, तो बात फिर अदालत पहुंची। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के क्रम में निर्वाचन आयोग ने ऐसी हर कोशिश की है, जिससे लोग उसके इरादे पर शक करें! उसने हर कदम पर पारदर्शिता से परहेज किया। उनमें से कई कोशिशें नाकाम हुईं, तो उसका पूरा श्रेय सर्वोच्च न्यायालय और जागरूक नागरिकों को दिया जाएगा। पहले की सुनवाइयों में सुप्रीम कोर्ट...

  • बिहार में 69 लाख नाम कटे

    पटना। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के बाद बिहार की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। इसमें कुल 69 लाख नाम काटे गए हैं। चुनाव आयोग ने एसआईआर के बाद मसौदा सूची में 65 लाख 64 हजार से कुछ ज्यादा नाम काटे थे। उसके बाद एक महीने की दावा व आपत्ति अवधि थी, जिसमें तीन लाख 66 हजार से कुछ ज्यादा नाम काटे गए। इस तरह बिहार की मतदाता सूची से 69 लाख से कुछ अधिक नाम कट गए हैं। लेकिन साथ ही 21.53 लाख नए नाम जुड़े हैं। चुनाव आयोग की ओर...

  • वोटों की गिनती का नियम बदला

    नई दिल्ली। मतदाता सूची में नाम जोड़ने या कटवाने के नियम में बदलाव के एक दिन बाद चुनाव आयोग ने वोटों की गिनती के नियमों में बदलाव किया है। आयोग ने कहा है कि अब पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी होने के बाद ईवीएम के आखिरी राउंड की गिनती होगी। अभी तक का नियम यह था कि पोस्टस बैलेट की गिनती पहले शुरू होती थी लेकिन आधे घंटे के बाद ईवीएम की गिनती शुरू होने के बाद दोनों की गिनती साथ साथ चलती रहती थी। अब अगर पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी नहीं हुई होगी तो ईवीएम की आखिरी राउंड...

  • कांग्रेस का मतदाता सूची में लाखों गड़बड़ी का दावा

    पटना। कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में लाखों गड़बड़ियां हुई हैं। कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके चुनाव आयोग पर हमला किया है और कहा है कि बिहार में लाखों विसंगितयां पाई गईं हैं फिर भी आयोग कह रहा है कि पार्टियों ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। वोटर अधिकार यात्रा के समापन से एक दिन पहले एसआईआर से जुड़ी गंभीर विसंगतियों पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के मीडिया एवं प्रचार विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। उन्होंने कहा...

  • कितने घुसपैठियों के नाम डिलीट हुए हैं?

    बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा है। विपक्षी पार्टियां संसद नहीं चलने दे रही हैं और उधर राहुल गांधी व तेजस्वी यादव बिहार में इसके खिलाफ यात्रा कर रहे हैं। इस बीच सत्तापक्ष की ओर से दावा किया जा रहा है कि विपक्षी पार्टियां घुसपैठियों के दम पर चुनाव जीतना चाहती हैं इसलिए वे एसआईआर का विरोध कर रही हैं। भाजपा के कई प्रवक्ताओं ने दिल्ली में यह दावा किया। बिहार और दूसरे राज्यों के बड़े नेता तो यह दावा कर ही रहे हैं। इससे ऐसा लग रहा...

  • गहराता हुआ अविश्वास

    डीएमके और उसके साथी दलों का इल्जाम है कि केंद्र में सत्ताधारी भाजपा तमिलनाडु की जनसंख्या का स्वरूप बदलना चाहती है। वह वहां हिंदीभाषी लोगों को लाकर बसाना चाहती है, ताकि वहां उसकी राजनीतिक जड़ें गहरी हो सकें।  बिहार में मतदाता सूची के हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर सुलगते विवाद की आंच तमिलनाडु तक पहुंच गई है। बिहार में विपक्ष की शिकायत है कि वहां लाखों ऐसे मजदूरों को मताधिकार से वंचित कर दिया गया है, जो रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्यों में जाकर काम करते हैँ। जबकि बड़ी संख्या में ऐसे मजदूर चुनाव के वक्त वोट डालने...

  • तेजस्वी का नाम कटने का विवाद

    पटना। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद जारी मसौदा मतदाता सूची को  लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने दावा किया कि उनका और उनकी पत्नी राजलक्ष्मी का नाम मतदाता सूची से कट गया है। हालांकि बाद में चुनाव आयोग ने कहा कि दोनों का नाम मतदाता सूची में है। पटना के कलेक्टर ने भी उनका नाम मतदाता सूची में होने की पुष्टि की। हालांकि तेजस्वी और उनकी पत्नी के वोटर आईकार्ड का इपिक नंबर बदल गया है। तेजस्वी ने इस पर सवाल उठाया है। इससे पहले तेजस्वी...

  • बिहार में मतदाता सूची का मसौदा जारी

    नई दिल्ली। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद मतदाता सूची का मसौदा जारी कर दिया गया है। शुक्रवार को चुनाव आयोग ने इसे जारी किया और लोगों से अपनी आपत्तियां दर्ज कराने को कहा। बताया गया है कि चुनाव आयोग ने अपने अधिकारियों को लगाया है कि वे आम मतदाताओं की मदद करें ताकि उन्हें जरूरी दस्तावेज हासिल हो सकें। बहरहाल, आयोग ने शुक्रवार को सभी 38 जिलों के कलेक्टरों और राजनीतिक पार्टियों से मतदाता सूची का मसौदा साझा किया। मसौदा मतदाता सूची चुनाव आयोग की वेबसाइट पर डाल दी गई है। लोग इसमें अपना नाम ...

  • बड़ी संख्या में नाम कटे तो अदालत दखल देगी

    नई दिल्ली। बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान यानी एसआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट में फिर सुनवाई हुई। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि अगर किसी जीवित व्यक्ति को मरा हुआ दिखा कर उसका नाम काट दिया गया है तो उसकी जानकारी अदालत को दी जाए, तब अदालत तत्काल कार्रवाई करेगी। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि अगर बड़ी संख्या में लोगों के नाम कटते हैं तो अदालत इस मामले में दखल देगी। इसके साथ ही सर्वोच्च अदालत ने यह भी कहा कि 12 अगस्त से बिहार में चल रहे मतदाता...

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