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हंगामे के कारण नहीं चली संसद

New Delhi, Mar 12 (ANI): Lok Sabha proceedings are underway during the Budget Session of Parliament, New Delhi, on Thursday. (Sansad TV/ANI Video Grab)

नई दिल्ली। सोमवार को एक तरफ नई दिल्ली की सड़कों पर छात्रों और युवाओं का प्रदर्शन था तो दूसरी ओर संसद के भीतर भी विपक्ष ने जम कर हंगामा किया। विपक्ष ने प्रदर्शनकारी युवाओं पर पुलिस के लाठी चार्ज का मुद्दा उठाया। इसके अलावा राम मंदिर में चढ़ावा चोरी सहित कई दूसरे मुद्दे उठा कर भी विपक्ष ने हंगामा किया। विपक्ष ने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का मुद्दा भी उठाया। विपक्ष के हंगामे की वजह से दोनों सदन कई बार स्थगित हुए और उसके बाद पूरे दिन के लिए कार्यवाही समाप्त कर दी गई।

लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई तो सदन करीब 10 मिनट भी नहीं चल सका। विपक्ष के हंगामे के चलते स्पीकर ने कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी। इसके बाद चार बार और सदन को स्थगित करना पड़ा। फिर दोपहर बाद तीन बजे के करीब छठी बार के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। उधर राज्यसभा भी पूरे दिन में छह बार स्थगित हुई और उसके बाद कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।

विपक्षी सांसद नीट पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चर्चा की मांग कर रहे थे। कुछ सांसद पोस्टर, बैनर लेकर सदन के अंदर पहुंचे थे। राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे ने जंतर मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर चर्चा की। उन्होंने कहा, ‘जंतर मंतर पर बच्चे इकठ्ठा हुए, उनकी आवाज को दबाया जा रहा। सरकार ने उन पर लाठीचार्ज किया’।

हंगामे के बीच लोकसभा में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल पेश किया। इससे पहले संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले साढ़े 10 बजे के करीब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के हंस द्वार पर मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा, ‘मानसून हो या मानसून सत्र, अगर दोनों प्रो एक्टिव हों तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं। संसद में तर्क के साथ चर्चा हो’। उन्होंने कहा, ‘मैं सभी सांसदों को सदन में चर्चा के लिए निमंत्रण देता हूं’।

बहरहाल, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या बढ़ाने का विधेयक पेश किया। सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ा कर 38 कर दी गई है। अध्यादेश के जरिए यह संख्या बढ़ाई गई थी। यह विधेयक मई में लाए गए अध्यादेश की जगह लेगा। इसे साधारण बहुमत से संसद में पास कराया जाएगा।

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