नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दूसरे दिन गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि उनकी सरकार की पहचान ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ की रही है। उन्होंने दावा किया कि अब रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी है। इस पर व्यंग्य करने के अंदाज में कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री संसद में भी चुनावी रैलियों की तरह भाषण देते हैं और विपक्ष के सवालों के जवाब नहीं देते। कांग्रेस ने यह भी कहा कि संसद सत्र के दौरान प्रधानमंत्री से ऐसे ही भाषण की उम्मीद थी।
असल में बजट सत्र में पहला दिन राष्ट्रपति के अभिभाषण का होता है इसलिए प्रधानमंत्री ने दूसरे दिन संसद परिसर में मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा, ‘यह सत्र बेहद महत्वपूर्ण है। 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है। यह दूसरे चौथाई की शुरुआत है। 2047 विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ये 25 साल बहुत अहम हैं’। मोदी ने कहा, ‘देश का ध्यान बजट की तरफ होना स्वाभाविक है, लेकिन सरकार कि पहचान रही है कि रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफोर्म। सांसदों को धन्यवाद देता हूं कि वो इस तरफ लगातार काम कर रहे हैं’।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के सारे फैसले मानव केंद्रित है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘भारत की डेमोक्रेसी और डेमोग्राफी से आज दुनिया की बहुत बड़ी उम्मीद है। विश्व इसका जरूर स्वागत करता है और स्वीकार भी करता है’। उन्होंने कहा, ‘देश आज आगे बढ़ रहा है। देश आज व्यवधान का नहीं, समाधान की तरफ बढ़ रहा है’। प्रधानमंत्री के इस बयान पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, ‘पीएम ने हर बार की तरह देश के नाम दिखावटी मैसेज दिया। हमें यही उम्मीद थी। संसद में पीएम विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं देते। सदन के अंदर उनकी स्पीच चुनावी रैली जैसी होती है’।
