नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई कमी नहीं होने जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल चाहे जितना भी सस्ता हो जाए कम से कम दो से तीन महीने तक कीमतों को लेकर कोई बात नहीं होगी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को कहा कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम होंगी या नहीं, इस पर फैसला अगले दो से तीन महीनों में ही लिया जा सकता है। अभी कुछ भी कहना संभव नहीं है।
गौरतलब है कि निजी ऊर्जा कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के दामों में एक जुलाई से कमी की है। इसके बाद सरकारी कंपनियों पर भी दाम घटाने का दबाव बन रहा था। इस बारे में पूछे जाने पर पेट्रोलियम मंत्री ने कीमतों में फिलहाल कमी से इनकार किया। पुरी ने कहा, ‘ईरान जंग के समय जब दुनिया में कच्चे तेल के दाम आसमान छू रहे थे, तब भारतीय तेल कंपनियों ने महंगे दामों पर कच्चा तेल खरीदा। रिफाइनरियां अभी उसी महंगे स्टॉक को प्रोसेस कर रही हैं’।
पेट्रोलियम मंत्री ने आगे कहा, ‘लागत से कम दाम पर ईंधन बेचने की वजह से देश की सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों को 30 जून तक 74,781 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है’। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान समझौते के बाद कच्चे तेल की कीमतें नीचे आने लगी हैं। अगर यही पैटर्न दो से तीन महीने तक चला तो कुछ महीनों में तेल कीमतों में राहत की उम्मीद है।
गौरतलब है कि मई में सरकारी कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने महंगे अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल का हवाला देते हुए किस्तों में पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में कुल साढ़े सात-सात रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। देश के एक लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों में से 90 फीसदी से अधिक पर इन तीनों सरकारी कंपनियों का नियंत्रण है। इन तीनों ने कीमतों में कोई कमी नहीं की है। हालांकि निजी कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल के दाम में पांच रुपए और डीजल में तीन रुपए प्रति लीटर की कमी की है।
