गुवाहाटी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम में समान नागरिक कानून यानी यूसीसी लागू करने का वादा किया है। उन्होंने कहा है कि भाजपा की सरकार बनी तो राज्य में यूसीसी लागू होगा। हालांकि 10 साल से असम में भाजपा की ही सरकार है। बहरहाल, गृह मंत्री ने असम के गोआलपाड़ा में कहा, ‘असम के युवा कहते हैं कि घुसपैठियों की संख्या बहुत बढ़ गई है। इतनी सारी आबादी बढ़ती है रोके कैसे। उनसे कहना चाहता हूं हम असम में यूनिफॉर्म सिविल कोड लाएंगे। अब कोई चार शादी नहीं कर पाएगा’।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यूसीसी में आदिवासियों को शामिल नहीं किया जाएगा। शाह ने कहा, ‘यूसीसी में कांग्रेस आदिवासियों को डराती है कि आप पर भी यूसीसी लगेगी लेकिन आदिवासियों को यूसीसी से बाहर रखा जाएगा। यूसीसी किसके लिए लगाना है हमें मालूम है’। शाह ने कहा कि कांग्रेस ने कभी किसी आदिवासी महिला को देश का राष्ट्रपति नहीं बनाया, लेकिन मोदी ने इसे बदल दिया और द्रौपदी मुर्मू देश की पहली नागरिक बन गईं।
अमित शाह ने अपने भाषण में कहा, ‘आदिवासियों के विकास के लिए प्रधानमंत्री और असम के मुख्यमंत्री ने एक रोडमैप तैयार किया है। इसे आगे बढ़ाने और लागू करने के लिए बीजेपी को वोट दें’। मेघालय के पास गारो हिल्स में हाल ही में हुई हिंसा पर शाह ने कहा कि घुसपैठियों ने आदिवासी महिलाओं से शादी करके गारो काउंसिल में सत्ता हथियाने की कोशिश की, और इसी वजह से यह झगड़ा हुआ।
