नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जंतर मंतर को प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों की सूची से हटा दिया है। सोमवार को इस बारे में आदेश जारी कर दिया गया। इसका मतलब है कि अब जंतर मंतर पर प्रदर्शन नहीं हो सकेगा। कोई पार्टी या संगठन वहां प्रदर्शन करने की अनुमति भी नहीं मांग सकता है। बताया गया है कि केंद्र सरकार ने इस बारे में विचार करने के लिए एक कमेटी का गठन किया था, जिसकी सिफारिश के आधार पर इसे प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों की सूची से हटाया गया।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 33 साल पहले जंतर मंतर को प्रदर्शन की जगह तय किया था। हालांकि उसके बाद भी एक बार वहां रहने वाले लोगों की अपील पर वहां प्रदर्शन बंद कराया गया था। लेकिन बाद में फिर से प्रदर्शन की अनुमति दे दी गई। पिछले दिनों गृह मंत्रालय ने एक कमेटी बनाई थी, जिसकी सिफारिश पर जंतर मंतर को हटा दिया गया और रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड को प्रदर्शन स्थल बनाया गया।
बताया गया है कि गृह मंत्रालय ने विरोध प्रदर्शन और धरना आयोजित करने के लिए वैकल्पिक स्थानों की पहचान करने के मकसद से एक कमेटी बनाई थी। इसकी सिफारिशों के बाद रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और सीबीडी ग्राउंड नाम तय किए। अभी यहां के लिए एसओपी जारी नहीं की गई है। पहले की एसओपी के मुताबिक रामलीला मैदान में 50 हजार तक लोग प्रदर्शन कर सकते हैं। बुराड़ी ग्राउंड की क्षमता 50 हजार से ज्यादा लोगों की है।
