चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी ने अगले साल फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पहली सूची में 40 नाम हैं और ये सभी मौजूदा विधायक हैं। बहुत दिलचस्प बात यह है कि पहली सूची में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का नाम नहीं है। साथ ही भगवंत मान सरकार के 13 मंत्रियों के नाम पहली सूची में नहीं हैं। सात महिला विधायकों के नाम की भी घोषणा पहली सूची में नहीं की गई है। हालांकि कहा जा रहा है कि जल्दी ही दूसरी सूची जारी होगी।
आम आदमी पार्टी की पहली सूची में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का नाम है। साथ ही जेल में बंद राज्य सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा का नाम भी है। गौरतलब है कि पंजाब में कुल 117 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से 92 सीटें आम आदमी पार्टी ने जीती थीं। अपने मौजूदा विधायकों में से 40 को पार्टी ने फिर से टिकट दिया है। माना जा रहा है कि ज्यादातर विधायकों को आम आदमी पार्टी चुनाव मैदान में उतारेगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के क्षेत्र बदलने की चर्चा थी। लेकिन पहली सूची में उनको धूरी सीट से ही उम्मीदवार बनाया गया है। 2022 में वे इस सीट से 58 हजार से ज्यादा वोटों से जीते थे। धूरी मान का गृह क्षेत्र है। वे पहली बार विधायक बने हैं। इससे पहले वे दो बार संगरूर से सांसद रहे। जेल में बंद मंत्री संजीव अरोड़ा को आप ने लुधियाना पश्चिम सीट से उम्मीदवार बनाया है। जून 2025 में अरोड़ा इसी सीट से उपचुनाव जीतकर मंत्री बने थे। उनके ऊपर एक सौ करोड़ से ज्यादा के धन शोधन का मुकदमा चल रहा है और वे पांच महीने से गुरुग्राम जेल में बंद हैं।
आम आदमी पार्टी की पहली सूची में वित्त मंत्री हरपाल चीमा और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा का नाम नहीं है। चीमा का नाम हाल ही में संगरूर के गांव तूरबंजारा के गुलजार सुसाइड केस को लेकर चर्चा में रहा। आरोप है कि गुलजार ने ड्रग्स की शिकायत की थी, जिसके बाद उसे अपमानित किया गया था। विवादों की वजह से अभी उनका नाम रोका गया है। लेकिन पार्टी ने पायल सीट के विधायक मनविंदर ग्यासपुरा को टिकट दे दिया है। उनको हाल ही में सिखों के सर्वोच्च तख्त श्री अकाल तख्त साहिब ने धार्मिक सजा देते हुए तनखैया करार दिया था।
