नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अगस्त के पहले हफ्ते में युवाओं के साथ हुई अपनी बातचीत का एक वीडियो रविवार को जारी किया। इसमें राहुल गांधी ने कहा कि सरकार की हिंसा के खिलाफ मजबूती से खड़े रहने वाले भारत के युवाओं का साहस सराहनीय है। उन्होंने आगे कहा कि बदसलूकी, गाली गलौज और हिंसा का सामना करने वाली छात्राओं की भी तारीफ होनी चाहिए। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर इस बातचीत का वीडियो शेयर किया।
गौरतलब है कि इन छात्रों ने पिछले महीने पेपर लीक के मुद्दे पर तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। राहुल और छात्रों के बीच यह बातचीत पांच अगस्त को हुई थी, लेकिन इसका वीडियो उन्होंने 16 अगस्त, रविवार को शेयर किया है।
वीडियो में राहुल ने प्रदर्शनाकरियों से पूछ कि उनको परेशान तो नहीं किया जा रहा है। इसका जवाब देते हुए एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘हां सर हो रहा है। रोज गालियां आ जाती हैं’। वहीं, एक दूसरी प्रदर्शनकारी ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए लोग थ्रेट्स भेजते हैं। राहुल ने एक छात्रा से पूछा कि आप लोग प्रदर्शन में क्यों शामिल हुए? इस पर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर हर कोई अपने इश्यू के लिए अलग अलग आवाज उठाएगा तो कोई समाधान नहीं निकलेगा। हमें इन जनरल लोगों की समस्याओं को समझना होगा। इस साल ऐसे ही पेपर लीक हुआ। उत्तर प्रदेश में एजुकेशन सिस्टम के हालात बहुत खराब हैं। वहां सिर्फ मंदिर मस्जिद ही मुद्दा है।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने आगे कहा कि 20 जुलाई को उन पर बुरी तरीके से लाठीचार्ज किया गया। एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा कि उसे कई लाठियां मारी गईं। पुलिस ने उन्हें देशद्रोही कहा। इसके बाद राहुल ने कहा, ‘बहुत से ऐसे लोग होते हैं जो अपने आसपास गलत होते देखते हैं लेकिन आवाज नहीं उठाते हैं। मैं उसे राष्ट्रवाद नहीं मानता। मेरी नज़र में यह गलत है। जो आप लोगों ने किया वो हकीकत में राष्ट्रवाद है’।
