नई दिल्ली। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी मामले में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने राष्ट्रपति से अपील की है कि वे केंद्र सरकार से दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त करने के फैसले को फिलहाल टालने के लिए कहें। राहुल का कहना है कि उत्तराखंड की युवती अंकिता भंडारी की मौत के बाद उनके माता, पिता दुष्यंत गौतम के ऊपर आरोप लगा रहे हैं। ऐसे में उनकी राज्यपाल के पद पर नियुक्ति ठीक नहीं होगी। गौरतलब है कि राहुल गांधी बुधवार की रात को इंडिया गेट पर गए थे, जहां अंकिता के माता, पिता धरना दे रहे थे।
इसके अगले दिन गुरुवार को राहुल ने राष्ट्रपति को चिट्टी लिखी, जिसमें उन्होंने लिखा है कि 19 साल की अंकिता भंडारी ने एक वीआईपी के लिए अपनी गरिमा से समझौता करने से इनकार किया, जिसके कारण उसकी हत्या कर दी गई। चार साल बाद भी सीबीआई की धीमी जांच के चलते यह सवाल बना हुआ है कि वो वीआईपी कौन था।
राहुल गांधी ने चिट्ठी में लिखा है, ‘अंकिता के परिवार समेत कई लोग मानते हैं कि दुष्यंत गौतम इस मामले से जुड़े हुए हैं। ऐसे में उनकी सिक्किम के राज्यपाल के पद पर नियुक्ति से मैं स्तब्ध हूं। राज्यपाल के पद पर रहते हुए उनके खिलाफ कोई आपराधिक कार्यवाही नहीं हो सकती’। राहुल ने आगे लिखा, ‘दुष्यंत गौतम की नियुक्ति की सलाह देकर प्रधानमंत्री मोदी ने साबित किया है कि महिलाओं की सुरक्षा की उन्हें बिल्कुल परवाह ही नहीं है। मैं आपसे अपील करता हूं कि सरकार को इस नियुक्ति पर पुनर्विचार करने और जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को पदभार न देने की सलाह दें’।
गौरतलब है कि 19 साल की अंकिता भंडारी ऋषिकेश के पास वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। बाद में इस मामले में रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और दो अन्य आरोपियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। बाद में इस मामले में एक कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे। अंकिता के परिवार ने इस पहलू की जांच की मांग की है।
