रायबरेली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने चुनाव क्षेत्र रायबरेली के अधिकारियों के साथ बैठक में उनको टूटी हुई सड़कें दिखाईं और नाराजगी जाहिर करते हुए पूछा कि जब सरकार फंड दे रही है तो काम क्यों नहीं हो रहा है? राहुल ने बुधवार को डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कोऑर्डिनेटिंग कमेटी यानी दिशा की बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय भी शामिल थे। राहुल ने उनको अपने मोबाइल पर टूटी सड़कें दिखाईं।
राहुल गांधी ने दिशा की मीटिंग में जर्जर सड़कों और गड्ढों की तस्वीरें दिखाकर पीडब्लुडी अधिकारियों और डीएम से पूछा, ‘सड़कों की हालत ऐसी क्यों है’? राहुल ने कहा कि, ‘जब सरकार फंड दे रही है तो काम क्यों नहीं हो रहा है? आप लोग क्या कर रहे हैं’? इस मीटिंग में अधिकारियों के साथ साथ ऊंचाहार से भाजपा विधायक मनोज पांडेय और एमएलसी व राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह भी मौजूद शामिल हुए। यह बैठक कोई ढाई घंटे चली।
इस बैठक से पहले राहुल गांधी ने बुधवार की सुबह जनता दरबार लगाया। राहुल ने वहां समाजवादी पार्टी के नेताओं से भी मुलाकात की। इस बाद राहुल कलेक्ट्रेट में मीटिंग में शामिल हुए और लखनऊ रवाना हो गए, जहां से वे दिल्ली लौट गए। गौरतलब है कि सोनिया गांधी की पारंपरिक सीट रायबरेली से राहुल पहली बार 2024 में सांसद बने। उसके बाद उनका रायबरेली का यह आठवां दौरा था। इससे पहले वे 19 और 20 मई को दो दिन के दौरे पर आए थे।
गौरतलब है कि राहुल गांधी मंगलवार दोपहर दिल्ली से एयर इंडिया की फ्लाइट से लखनऊ पहुंचे थे। वहां से वे सीधे रायबरेली पहुंचे थे। बुधवार को राहुल गांधी जब दिशा की मीटिंग में गए तो वहां सपा विधायक राहुल लोधी और श्याम सुंदर भारती ने मीटिंग के दौरान हॉल के बाहर प्रदर्शन किया। हालांकि, राहुल के पहुंचने से पहले पुलिस ने उनसे पोस्टर और बैनर छीन लिए। सपा के नेता जिला प्रशासन के खिलाफ पोस्टर लेकर पहुंचे थे। उनका कहना था कि स्कूल बंद हैं, फर्जी मुकदमे लिखे जा रहे हैं और जमीनों पर कब्जे हो रहे हैं। उनका कहना था कि जिले में आम लोगों की समस्याएं जस की तस हैं, तो ऐसे में दिशा की बैठक का कोई मतलब नहीं है।
