नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों व युवाओं के साथ तीसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। उन्होंने इससे पहले पैलेट गन से घायल साहिल लोचब के साथ और फिर सीपीआई माले के छात्र संगठन आईसा की तीन छात्राओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। बुधवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चार प्रदर्शनकारी शामिल हुए। इसमें राहुल ने कहा कि 20 जुलाई को हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठी व पैलेट गन से हमला किया गया।
राहुल ने आरोप लगाया कि 15 साल की एक छात्रा के घर गुंडे भेजे गए और उससे जबरन माफी मंगवाई गई। राहुल के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद एक छात्रा ने कहा, ‘भारत माता की जय बोलने पर हमें देशद्रोही कहा गया। हम शांति से चल रहे थे तो एक पुलिस अफसर ने शरीर के ऊपरी हिस्से पर मारा’। राहुल गांधी ने कहा, ‘प्रदर्शनकारियों ने कुछ भी गलत नहीं किया। इनका लगातार शोषण हो रहा है। ये बच्चे देश के भविष्य के लिए लड़े। इन्हें माफी मांगने की जरूरत नहीं। लोकतंत्र के लिए ये बच्चे लड़े, इसके लिए इनका धन्यवाद’।
राहुल ने मीडिया से कहा, ‘हमने प्रदर्शन कर रहे कुछ युवाओं से बात की। उन्होंने बताया कि उनके साथ मारपीट की गई, धमकाया गया और दबाव बनाया गया। मुझे उन पर और देशभर के हजारों युवाओं पर गर्व है। उन्होंने संविधान, भारत के विचार और देश के भविष्य की रक्षा की है’। राहुल गांधी ने आगे कहा, ‘पहले छात्रों के घर गुंडे भेजना, 15 साल की एक लड़की से जबरन माफी मंगवाना और फिर उस माफी को स्वीकार करना पूरी तरह बेतुका है। हम इसे स्वीकार नहीं करते’।
राहुल के साथ मुंबई की रिया अहीर भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में थीं। शिवाजी पार्क प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गाड़ी के सामने खड़ी होने वाली रिया अहीर ने कहा, ‘मैं वो लड़की हूं, जिसने मुंबई पुलिस को रोका था। मैं कहना चाहूंगी कि मैं वो लड़की हूं, जिसने 20 बच्चों को गैरकानूनी हिरासत में जाने से रोका था। मेरी अपील है कि कृपया नैरेटिव को बदलें। जो भी मैंने किया, उसकी वजह से मुझे बहुत परेशान किया जा रहा है’।
