राज्य सभा में सोमवार को भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा और सदन की कार्यवाही बार बार के स्थगन के बीच तीसरी बार अपराह्न तीन बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
मध्याह्न तक दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद दो बजे सदन की कार्यवाही शुरू होती ही सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों पर हंगामा शुरू कर दिया। उप सभापति हरिवंश ने विपक्षी सदस्यों के व्यवहार को नियम 255 और 238 के विरुद्ध करार देते हुए उन्हें उनके मुद्दे उठाने की अनुमति नहीं दी।
विपक्षी सदस्यों के शोर -शराबे और विरोध के बीच श्री हरिवंश ने गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय को पुकारा और उन्हें आज की कार्यसूची में विधायी कार्यों के तहत उनके नाम से दर्ज वंदे मातरम् विधेयक नाम से चर्चित ‘ राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक 2026″ को चर्चा और पारित कराने के लिए प्रस्तुत करने को कहा।
इस बीच विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी तेज कर दी। सदन में हंगामा बढ़ाता देख उपसभापति ने कार्यवाही तीसरी बार तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
नियम 255 के तहत सभापति सदन में अमर्यादित आचरण करने पर किसी सदस्य को तुरंत बाहर निकाले जाने का निर्देश दे सकते हैं जबकि 238 के तहत कोई सदस्य अदाल में लम्बित मामले को सदन में नहीं उठा सकता। इस नियम के अंतर्गत व्यक्तिगत आरोप लगाने तथा संसद के दूसरे सदन पर टिप्पणी करने पर भी रोक है।
इससे पहले नीट परीक्षा के पेपर लीक मुद्दे पर राजधानी में पिछले दिनों आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों पर पुलिस की कथित ज्यादतियों को लेकर राज्य सभा में तत्काल चर्चा की मांग कर रहे विपक्षी सदस्यों के लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही पहले शून्यकाल में 12 बजे तक के लिए और दूसरी बार प्रश्नकाल बाधित होने के बाद दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी थी।
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कई विपक्षी सदस्यों ने इस मुद्दे पर नियम 267 के तहत चर्चा के लिए कार्यस्थगन प्रस्ताव के नोटिस दे रखे थे जिसे सभापति सभापति सीपी राधाकृष्णन ने नियमों और परंपराओं का हवाला देते हुए अस्वीकार कर दिया। पहले स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही 12 बजे प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने सब काम रोक कर विद्यार्थियों पर पुलिस कार्यवाही के मुद्दे पर चर्चा की मांग शुरू कर दी। सदन में शोर शराबा बढ़ते देख सभापति ने कार्यवाही दूसरी बार दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू हुई भी नहीं थी कि कांग्रेस के प्रमोद तिवारी ने नीट परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर जंतर मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और संसद मार्च के दौरान उनके साथ बदसलूकी का मुद्दा उठाया और इस पर चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश में कहीं भी कुछ होता है तो उसकी झलक सदन में दिखनी चाहिए।
सभापति ने कहा कि यह प्रश्नकाल का समय है और प्रश्नकाल हो जाने दीजिए लेकिन विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा।
इसी बीच सभापति श्री राधाकृष्ण ने द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम (द्रमुक) के तिरूची शिवा को बोलने की अनुमति दी और श्री शिवा ने नीट परीक्षा पर प्रतिबंध लगाने की मांग दोहरानी शुरू कर दी और कहा कि नीट परीक्षा रद्द किये जाने के कारण कई विद्यार्थियों ने आत्महत्या कर ली। श्री शिवा ने कहा कि उन्होंने नियम 267 के तहत इस मुद्दे पर चर्चा के लिए कार्य स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया गया है।
सभापति ने उन्हें बीच में ही रोक कर मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी के जॉन ब्रिटास को बोलने की अनुमति दी । उन्होंने इसी मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह को घेरने की कोशिश की। सभापति की अनुमति से खड़े हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के पी संदोष कुमार ने भी इसी मुद्दे पर बोलना चाहा, जिसके साथ सदन में हंगामा तेज हो गया। हंगामे को देखते हुए सभापति ने सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
इसके पहले नीट यूजी परीक्षा लीक के विरोध में जंतर मंतर पर धरना देने और संसद मार्च निकालने वाले छात्रों तथा अन्य प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए अड़िग विपक्ष ने लगातार छठे दिन सोमवार को भी राज्यसभा में हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही बारह बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
विपक्ष के हंगामे के कारण मानसून सत्र में लगातार छठे दिन शून्यकाल की कार्यवाही नहीं हो सकी । पेपर लीक के मुद्दे पर संसद के मानसून सत्र में लगातार हंगामे के चलते पहले सप्ताह कोई खास काम काज नहीं हो सका था।
Pic Credit : ANI
