कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मतदान समाप्त होने के बाद भी तनाव कम नहीं हो रहा है। एक तरफ नेता ईवीएम की सुरक्षा को लेकर चिंता में हैं तो दूसरी ओर एक्जिट पोल के नतीजों ने भी सबकी धड़कन बढ़ाई है। इस बीच चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के 15 बूथों पर शनिवार को दोबारा वोटिंग कराने का फैसला किया है। गौरतलब है कि 29 अप्रैल को दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान हुआ था। इस दौरान डायमंड हार्बर के चार और मगराहट पश्चिम के 11 बूथों पर हिंसा व ईवीएम से छेड़छाड़ की घटना की खबर आई थी।
भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया था कि कुछ जगहों पर ईवीएम में भाजपा के चुनाव चिन्ह के आगे टेप लगा कर उसे ढक दिया गया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने कहा था कि वह शिकायत की जांच कराएगा। शुक्रवार को आयोग की ओर से बताया गया कि दो चुनाव क्षेत्रों में 15 बूथों पर शनिवार को दोबारा मतदान होगा। चार मई को बंगाल और चार अन्य राज्यों के नतीजे आएंगे।
इस बीच भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी शुक्रवार की शाम को करीब साढ़े छह बजे कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल पहुंचे, जहां स्ट्रॉन्ग रूम में ईवीएम रखे हुए हैं। वे वहां करीब 10 मिनट रुके। इसी स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर गुरुवार रात को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी करीब चार घंटे बैठी रही थीं। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव अधिकारियों पर बिना सूचना दिए स्ट्रॉन्ग रूम खोलने, ईवीएम से छेड़छाड़ और वहां संदिग्ध लोग मौजूद होने के आरोप लगाए हैं।
गुरुवार को आधी रात के बाद ममता बनर्जी स्ट्रॉन्ग रूम से बाहर निकली थीं। उन्होंने मीडिया से कहा, ‘अगर ईवीएम लूटने और मतगणना में हेरफेर की कोशिश हुई तो हम जान की बाजी लगा देंगे’। इस बीच शुक्रवार को टीएमसी नेताओं का डेलीगेशन कोलकाता में चुनाव आयोग के ऑफिस पहुंचा। इसमें फिरहाद हकीम, असीम बोस और शशि पांजा शामिल थे।
उधर हल्दिया में शुक्रवार को फर्जी आईडी बना कर एक महिला मतदान केंद्र में घुसने की कोशिश कर रही थी, जिसे पकड़ लिया गया। इसके बाद हर जगह सुरक्षा बढ़ा दी गई। कोलकाता के सात ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षा सख्त कर दी गई है। पुलिस ने दो सौ मीटर के दायरे में पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकठ्ठा होने पर रोक लगा दी है| गौरतलब है कि वोटों की गिनती के लिए केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों की सात सौ कंपनियां तैनात की गई हैं।
