नई दिल्ली। इस साल दक्षिण पश्चिम मानसून में सुपर अल नीनो का खतरा दिख रहा था। लेकिन सावन के महीने में पूरे देश में झमाझम बारिश हो रही है और अब तक रही बारिश की कमी पूरी हो गई है। राजधानी दिल्ली में अगस्त के पहले हफ्ते में 127 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो 15 साल का रिकॉर्ड है। गुरुग्राम में एक सौ मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हो चुकी है। राजधानी दिल्ली और एनसीआर के इलाके में शनिवार को भी झमाझम बारिश हुई है। मौसम विभाग ने शनिवार को दिल्ली में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया था।
असल में मानसून के एक साथ तीन सिस्टम सक्रिय होने से अल नीनो कमजोर पड़ा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना, जिससे दिल्ली और पूरे पश्चिम उत्तर प्रदेश में बारिश हुई। अब कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम की ओर बढ़ा है, जिससे राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में तेज बारिश हो सकती है। उधर पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के इलाके में भी कम दबाव का क्षेत्र बना है, जिससे पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और सिक्किम में खूब बारिश हो सकती है। उधर कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप आदि में 14 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने वाला है।
बहरहाल, भारी बारिश से दिल्ली और एनसीआर में काफी अव्यवस्था रही। देवली इलाके में शनिवार को तेज बारिश से पार्किंग की दीवार गिर गई। इसके मलबे में आठ गाड़ियां दब गईं। हादसे में किसी के घायल होने या मौत की खबर नहीं है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इलाके में सीवर पाइपलाइन का काम चल रहा था और बारिश के कारण जमीन कमजोर होने से दीवार गिरी हो सकती है। दिल्ली के सरिता विहार थाना क्षेत्र के प्रियंका कैंप में 18 साल का लड़का नाले के तेज बहाव में बह गया। घटना के बाद से उसका अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। इससे पहले द्वारका में गुरुवार को एक युवक खुले मेन होल में गिर कर बह गया था।
दिल्ली के अलावा एनसीआर के अन्य इलाकों में भी लगातार बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। गुरुग्राम में बारिश के बाद हीरो होंडा चौक से लेकर राजीव चौक और एयर फोर्स स्टेशन तक जलभराव हो गया। इससे यातायात प्रभावित हुआ। नोएडा में बारिश के बाद सेक्टर 18 अंडरपास से फिल्म सिटी फ्लाईओवर की ओर जाने वाली सड़क पर करीब दो किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। इससे गाड़ियों की आवाजाही धीमी हो गई। कांवडिए की आवाजाही के कारण भी दिल्ली बॉर्डर पर ट्रैफिक बहुत धीमा रहा।
बहरहाल, उत्तर प्रदेश में 25 दिनों से जारी भारी बारिश से नदियां उफान पर हैं। काशी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाट डूब गए हैं और 84 घाटों का संपर्क टूट गया है। करीब 60 छोटे मंदिरों में भी पानी घुस गया है। आगरा में सड़क धंसने से 20 फीट गहरा गड्ढा हो गया। असम में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। शनिवार को एक और मौत हुई, जिसके बाद मरने वालों की संख्या 98 हो गई है। राज्य के 13 जिलों के 464 गांवों में करीब डेढ़ लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। हजारों हेक्टेयर में फसल भी खराब हुई है।
