नई दिल्ली। इजराइल के लोगों ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की किस्मत का फैसला कर दिया है। भारतीय समय के मुताबिक रात डेढ़ बजे के करीब इजराइल में मतदान खत्म हुआ। बुधवार की सुबह तक नतीजे का रूझान मिल जाएगा। इस बार इजराइल के लोगों ने रिकॉर्ड मतदान दिया है। इजराइल के समय के हिसाब से शाम चार बजे तक और भारतीय समय के हिसाब से रात 10 तक के आंकड़ों के मुताबिक पहले छह घंटे में 55 फीसदी लोगों ने मतदान किया। इस तरह इजराइल के लोगों ने नया रिकॉर्ड बनाया है। इसके बाद साढ़े तीन घंटे की वोटिंग में अब तक सबसे ज्यादा वोटिंग का रिकॉर्ड टूट सकता है।
इजराइल में सबसे ज्यादा वोटिंग का रिकॉर्ड 79.9 फीसदी का है, जो 1988 में हुआ था। पहले छह घंटे की वोटिंग के बाद माना जा रहा है कि इस बार यह रिकॉर्ड टूट सकता है। जबरदस्त वोटिंग के बीच मंगलवार को दिन में प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने मुस्लिम महिलाओं की फोटो पोस्ट कर समर्थकों से ज्यादा से ज्यादा वोट करने की अपील की है।
नेतन्याहू ने एक न्यूज चैनल की वीडियो फुटेज शेयर की, जिसमें दो पोलिंग बूथ की तुलना की गई है। नेतन्याहू ने लिखा, ‘अरब इलाकों में सामान्य से ज्यादा वोटिंग हो रही है, जबकि दक्षिणपंथी मतदाता कम संख्या में वोट डालने पहुंच रहे हैं। यह इमरजेंसी है, हमारे यहूदी देश का भविष्य दांव पर है। तुरंत बाहर निकलें और वोट डालें। हमें अब जागना होगा, घर पर नहीं बैठना है’।
गौरतलब है इस बार नेतन्याहू की पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजनकोट ने बड़ी चुनौती दी है। छह में से चार ओपिनियन पोल में आइजनकोट के गठबंधन को ज्यादा सीटें दी गई हैं। वहीं नेतन्याहू के गठबंधन को सिर्फ एक सर्वेक्षण में बढ़त दी गई है और एक सर्वेक्षण में उनकी सरकार बनने की संभावना जताई गई है। इजराइल की संसद में कुल 120 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सीटों की जरूरत होती है। इजराइल में आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली की वजह से 76 साल के इतिहास में आज तक किसी भी राजनीतिक पार्टी ने अकेले बहुमत हासिल नहीं किया है।
