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रेपो रेट में एक चौथाई फीसदी की कमी

Mumbai (Maharashtra), Feb 07 (ANI): CCTV cameras are seen installed above the logo of Reserve Bank of India (RBI) inside its headquarters in Mumbai, Maharashtra on Thursday. (ANI/REUTERS Photo)

नई दिल्ली। महंगाई दर कम रहने की उम्मीद में भारतीय रिजर्व बैंक ने एक बार फिर रेपो रेट में कमी की है। अगर कॉमर्शियल बैंकों ने ग्राहकों को इसका फायदा दिया तो आवास और वाहन के कर्ज की ब्याज दर कम हो सकती है। लोगों को उनकी किस्तों पर राहत मिल सकती है। बहरहाल, मौद्रिक नीति समिति यानी एमपीसी की तीन दिन की बैठक के बाद रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को 0.25 फीसदी घटा कर 5.25 फीसदी कर दिया है। एमपीसी की बैठक तीन से पांच दिसंबर तक चली थी।

शुक्रवार को रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एमपीसी के फैसले की जानकारी दी। गौरतलब है कि रिजर्व बैंक जिस रेट पर बैंकों को लोन देता है उसे रेपो रेट कहते हैं। तभी इसके कम होने से कर्ज लेने वाले ग्राहकों को राहत मिलने की उम्मीद बंधती है। हालांकि बैंक कटौती के अनुपात में ग्राहकों को राहत नहीं देते हैं।

रिजर्व बैंक ने इस साल में चार बार नीतिगत ब्याज दर में कटौती की है। इसका कारण यह है कि खुदरा और थोक महंगाई दर लगातार रिजर्व बैंक की तय की गई सीमा के नीचे है। रेपो रेट घटाने की शुरुआत फरवरी में हुई थी, जब इसको 6.5 से घटाकर 6.25 फीसदी किया गया था। करीब पांच साल बाद ये कटौती की गई थी। दूसरी बार अप्रैल में एक चौथाई फीसदी की कमी की गई। जून में लगातार तीसरी बार इसमें कमी की गई और इस बार आधा फीसदी की कटौती की गई। अब दिसंबर एक बार फिर इसमें 0.25 फीसदी की कटौती की गई है। इस तरह 2025 में ब्याज दरों 1.25 फीसदी की कमी हो चुकी है।

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