मुंबई। सोमवार को कारोबारी हफ्ते के पहले दिन शेयर बाजार में आम निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ। कारोबार बंद होने तक निवेशकों के सात लाख करोड़ रुपए डूब गए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक 1,124 अंक गिरा। बीएसई में लगातार आठवें हफ्ते गिरावट हुई है। शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला लगभग दो साल से चल रहा है। सितंबर 2024 में बीएसई का सूचकांक 85 हजार से ऊपर था, जो अब 72 हजार पर आ गया है। यानी दो साल में 13 हजार अंकों की गिरावट हुई है।
बहरहाल, सोमवार को सूचकांक 1,124 अंक, यानी 1.52 फीसदी गिरावट के साथ 72,772 पर बंद हुआ। निफ्टी में 360 अंक, यानी 1.56 फीसदी की गिरावट रही, ये 22,780 पर बंद हुआ। सोमवार को बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली आई। माना जा रहा है कि बाजार में इतनी बड़ी गिरावट अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान से जंग रोकने से इनकार के कारण आई। सोमवार की गिरावट से निवेशकों की की संपत्ति सात लाख करोड़ से ज्यादा घट गई। शुक्रवार को बाजार बंद होते समय बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों की कुल बाजार पूंजी 482 लाख करोड़ के करीब था, जो सोमवार को घट कर 475 लाख करोड़ रह गई।
जानकारों का मानना है कि अमेरिका और ईरान में जल्दी समझौता होने के आसार नहीं दिख रहे हैं, इससे तनाव बना हुआ हैं। उधर रूस और यूक्रेन के बीच तनाव भी बढ़ा है। होर्मुज की खाड़ी भी बंद है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। इसका असर भी बाजार पर दिख रहा है। अगर कच्चे तेल की महंगाई बनी रहती है तो भारत के शेयर बाजार पर भी इसका दबाव दिखाई देगा।
