नई दिल्ली। कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों की संविधान बचाए रैली के जवाब में भारतीय जनता पार्टी देश भर में जवाबी रैली कर रही है। इस दौरान सोमवार को कोलकाता से लेकर हैदराबाद तक भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने रैली और मार्च किए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने राहुल गांधी पर हमला किया।
कोलकाता में ‘संविधान बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैली में नितिन नबीन ने कहा कि राहुल गांधी उन ताकतों की एक टूलकिट हैं, जिन्होंने नेपाल और अन्य पड़ोसी देशों में अशांति पैदा की। वह उन ताकतों का नेतृत्व कर रहे हैं, जो पूरे देश में अराजकता लाना चाहता है। भाजपा अध्यक्ष ने राहुल के लिए कहा कि उनके पास कोई विजन नहीं है। कांग्रेस के पूरी तरह खत्म होने के लिए वही जिम्मेदार होंगे। नितिन नबीन ने तंज करते हुए कहा कि बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान राहुल यहां आए थे और उन्होंने ममता बनर्जी सरकार के भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ बात की थी। अब वे दोनों एक ही मंच साझा कर रहे हैं।
उधर अमित शाह सोमवार को हैदराबाद में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च में शामिल हुए। वहां उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने दिल्ली में नकली संसद लगाई। वे उसके ही पीएम बन जाते तो सोनिया जी के दिल को शांति मिल जाती। असली संसद में वे कभी पीएम नहीं बनेंगे। गौरतलब है कि भाजपा ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान चला रही है। इसका पहला चरण 22 अक्टूबर से पांच नवंबर 2026 तक चलेगा।
बहरहाल, अपने भाषण में अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एसआईआर को रोककर देश की मतदाता सूची से बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाना चाहती है। ये घुसपैठिए उनके वोट बैंक हैं। उन्होंने कहा, ‘राहुल जी जितना जोर लगाना है लगा लो, भाजपा एक एक घुसपैठिए को देश और वोटर्स लिस्ट से बाहर निकालकर दम लेगी। तीन करोड़ वोट बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं’। उन्होंने कहा, ‘राहुल जी कहते हैं कि हम एसआईआर से जीते। जरा बताओ क्या 2014 में एसआईआर हुआ था। 2019 में जीते, तब भी एसआईआर नहीं हुआ था। 2024 में भी जीते, उसके बाद महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली, बिहार, बंगाल, असम जीते। अब तेलंगाना भी जीतने वाले हैं’।
