प्रयागराज। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद स्वामी की जमानत इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मंजूर कर ली है। बुधवार को उनकी जमानत मंजूर करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि आरोपपत्र दाखिल होने तक शंकराचार्य की गिरफ्तारी नहीं होगी। हाई कोर्ट के जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की बेंच ने दोपहर बाद करीब पौने चार बजे यह फैसला सुनाया। गौरतलब है कि शंकराचार्य के ऊपर आश्रम के बटुकों के यौन शोषण का आरोप लगाया गया है।
बहरहाल, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को जमानत देते हुए शर्तें भी लगाई हैं। सबसे अहम शर्त यह है कि दोनों पक्ष यानी शंकराचार्य और आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी मीडिया में बयानबाजी नहीं करेंगे और इंटरव्यू नहीं देंगे। शंकराचार्य के विदेश जाने पर भी रोक है। अगर उनको विदेश जाना होगा तो इसके लिए हाई कोर्ट से अनुमति लेनी होगी। अगर जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया जाता है, तो दूसरा पक्ष जमानत रद्द कराने की याचिका दे सकता है।
गौरतलब है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बटुकों के यौन उत्पीड़न केस में 27 फरवरी को शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। तब जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा ने कहा था कि फैसला आने तक शंकराचार्य की गिरफ्तारी नहीं होगी। अदालत ने कहा था कि शंकराचार्य पुलिस की जांच में सहयोग करेंगे।
