पुणे। एनसीपी के संस्थापक शरद पवार ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फ़ड़नवीस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की बातचीत में वे शामिल नहीं थे। इसलिए उन्हें इस पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। शरद पवार ने दावा किया कि उनकी पार्टी के नेता जयंत पाटिल और उनके भतीजे व एनसीपी प्रमुख अजित पवार विलय की बातचीत का नेतृत्व कर रहे थे।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने पिछले दिनों कहा था कि अगर एनसीपी के विलय की बातचीत सच में चल रही होती, तो अजित पवार ने उनके साथ यह बात साझा की होती। पवार ने इस बात को खारिज किया है। इतना ही नहीं शरद पवार ने एनसीपी के दूसरे नेताओं की बातों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि दूसरे नेता भी विलय की चर्चा में शामिल नहीं थे।
बहरहाल, अजित पवार के निधन के बाद पहली बार बुधवार को शरद पवार उनके दोनों बेटों से मिले। शरद पवार की अध्यक्षता में विद्या प्रतिष्ठान में एक बैठक हुई। इसमें अजित पवार के बेटे पार्थ व जय पवार के साथ विजया पाटिल और परिवार के दूसरे सदस्य शामिल हुए। बाद में शरद पवार और पार्थ व जय पवार के बीच एक बंद कमरे में भी बैठक हुई। यह बैठक विद्या प्रतिष्ठान के परिसर में हुई। बताया जा रहा है कि बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली।
बैठक के एजेंडे के बारे में तत्काल कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि जानकार सूत्रों का कहना है कि बैठक में एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय और आगामी जिला परिषद चुनाव पर बातचीत हुई। गौरतलब है कि महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार की 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती में प्लेन दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद ही शरद पवार और उनकी पार्टी के नेताओं ने दावा किया था कि विलय के लिए 12 फरवरी की तारीख तय की थी। अजित पवार की जगह उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार सरकार में उप मुख्यमंत्री बन गई हैं। वे पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बनेंगी।
