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सिद्धारमैया ने छोड़ा सीएम पद

बेंगलुरू। कर्नाटक में आखिरकार कांग्रेस ने मुख्यमंत्री बदल दिया। अपने दूसरे कार्यकाल के तीन साल पूरे करने के बाद सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उनकी जगह उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे। शिवकुमार को शुक्रवार को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना जाएगा। इससे पहले गुरुवार की सुबह नाश्ते पर अपने सभी मंत्रियों के साथ मुलाकात करने के बाद सिद्धारमैया ने इस्तीफा दिया। इस्तीफे के बाद वे दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

हालांकि सिद्धारमैया के इस्तीफा देने से पहले रहस्यमय तरीके से राज्यपाल थावरचंद गहलोत निजी दौरे पर मध्य प्रदेश चले गए। इसके बावजूद सिद्धारमैया ने राजभवन जाकर इस्तीफा दिया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा, ‘मैंने पहले ही कहा था कि हाईकमान जब कहेगा, मैं इस्तीफा दे दूंगा। कल हाईकमान ने कहा और आज मैंने इस्तीफा दे दिया’। उन्होंने बताया कि राज्यपाल थावरचंद गहलोत के सचिव को इस्तीफा सौंपा है। गहलोत फिलहाल पारिवारिक कारणों से बेंगलुरु से बाहर हैं।

सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का मुख्यमंत्री बनना तय हो गया है। शुक्रवार को विधायक दल की बैठक में इसका ऐलान किया जाएगा। इससे पहले सिद्धारमैया ने अपने घर पर मंत्रियों के साथ बैठक की और फैसले की जानकारी दी। बैठक के दौरान डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया के पैर छुए, जिसके बाद दोनों गले मिले।

सिद्धारमैया ने आगे के राजनीतिक कदम की जानकारी देते हुए कहा, ‘हाईकमान ने मुझे राज्यसभा जाने के लिए कहा था, लेकिन मैंने मना कर दिया। मेरी राष्ट्रीय राजनीति में कोई रुचि नहीं है। मैं सक्रिय राजनीति में बना रहूंगा’। इसका अर्थ है कि वे विधायक बने रहेंगे और राज्य की राजनीति करेंगे। गौरतलब है कि दो साल के बाद मई 2028 में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। उसमें कांग्रेस के जीतने के लिए जरूरी होगा कि दोनों नेता साथ मिल कर काम करें। ध्यान रहे सिद्धारमैया कुरुबा जाति से आते हैं, जो ओबीसी में है। पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय का अहिंदा वोट उनको समर्थन करता है, जबकि डीके शिवकुमार वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं।

नए सीएम की शपथ के साथ मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावना है। जानकार सूत्रों का कहना है कि 35 मंत्रियों में से करीब 25 मंत्री हटाए जा सकते हैं। उनकी जगह नए मंत्री बनेंगे। दो उम मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना है। पार्टी ओबीसी और दलित समुदाय से उप मुख्यमंत्री बना सकती है। सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र को भी मंत्री बनाए जाने की खबर है।

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