इस्लामाबाद/नई दिल्ली। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में जुमे की नमाज के दौरान शिया मस्जिद (इमामबाड़ा) में आत्मघाती हमला हुआ। पाकिस्तानी अखबार ‘द डॉन’ के मुताबिक, हमले में 31 लोगों की मौत हो गई है और 169 घायल हुए हैं। इससे पहले पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स में 69 मौतों की जानकारी आई थी। पुलिस और राहत व बचाव की टीम घटना काम कर रही है। सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है और घायलों को वहां पहुंचाया जा रहा है।
इस्लामाबाद के पुलिस प्रमुख ने पूरे शहर में इमरजेंसी घोषित कर दी है। अधिकारियों को आशंका है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। अभी तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने धमाके में मारे गए लोगों के लिए शोक जताया है। उन्होंने कहा कि बेगुनाह लोगों को निशाना बनाना इंसानियत के खिलाफ है। जरदारी ने घायलों के जल्दी ठीक होने की दुआ की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों को हर संभव बेहतर इलाज की सुविधा दी जाए।
पाकिस्तान के संसदीय कार्य मंत्री डॉक्टर तारिक फजल चौधरी ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘इस्लामाबाद में हुए धमाके की मैं कड़ी निंदा करता हूं। इस हमले में मारे गए लोगों के लिए दुखी हूं। ऐसी आतंकी घटनाएं देश और लोगों का हौसला नहीं तोड़ सकती। जरूरत है कि हम सब मिलकर शांति के लिए एकजुट हों और कानून व्यवस्था संभालने वाली एजेंसियों के साथ मजबूती से खड़े रहें’।
इससे एक दिन पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गुरुवार को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को लेकर फिर से विवादित बयान दिया था। मुजफ्फराबाद में विधानसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा बनेगा’। शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीरियों के साथ मजबूती से खड़ा है और जम्मू कश्मीर विवाद का हल कश्मीर के लोगों की इच्छा के मुताबिक होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू कश्मीर विवाद का समाधान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों को लागू करने से ही हो सकता है।
