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बंगाल की घटना पर सुप्रीम कोर्ट नाराज

New Delhi, May 22 (ANI): A view of the Supreme Court of India, in New Delhi on Thursday. (ANI Photo/Rahul Singh)

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के काम में लगाए गए न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई है। यह घटना बुधवार रात की है, जिस पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बना लिया गया था और पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद उनको रिहा कराया।

इस पर नाराजगी जताते हुए गुरुवार को चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने कहा, ‘उन्हें नौ घंटे बंधक बनाकर रखा। खाना, पानी तक नहीं मिला। यह घटना सोची समझी और भड़काऊ लगती है। हमें पता है उपद्रवी कौन हैं, इनका मकसद न्यायिक अधिकारियों का मनोबल गिराना और चुनावी प्रक्रिया को बाधित करना है’। बेंच में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली भी शामिल थे। बेंच ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था ढह गई है। अदालत ने राज्य के गृह सचिव, डीजीपी और अन्य अधिकारियों से उनकी निष्क्रियता पर जवाब मांगा।

चीफ जस्टिस ने गुरुवार को इस घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए कहा, ‘रात 11 बजे तक आपका कलेक्टर वहां मौजूद नहीं था। मुझे रात में मौखिक रूप से आदेश देने पड़े। खाना और पानी तक नहीं लेने दिया गया’। असल में सात न्यायिक अधिकारी बुधवार को मालदा के बीडीओ ऑफिस पहुंचे थे। इनमें तीन महिलाएं थीं। इनके वहां होने की सूचना मिलने पर मतदाता सूची से नाम कटने के विरोध में हजारों लोगों ने ऑफिस को घेर लिया।

प्रदर्शनकारियों ने बीडीओ के ऑफिस का घेराव कर लिया। सभी सात न्यायिक अधिकारियों को अंदर ही बंद कर दिया गया और बाहर निकलने नहीं दिया गया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि वे अधिकारियों के सामने अपनी बात रखना चाहते हैं। जिससे इनकार कर दिया गया। बाद में भारी मशक्कत के बाद पुलिस ने जिस गाड़ी से न्यायिक अधिकारियों को बाहर निकाला उस पर प्रदर्शनकारियों ने ईंट से हमला किया। गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए।

मालदा में लगातार दूसरे दिन भी विरोध प्रदर्शन हुआ। गुरुवार को नारायणपुर स्थित बीएसएफ कैंप के सामने भीड़ इकठ्ठा हो गई। लोगों ने नेशनल हाईवे 12 को जाम कर दिया। सड़क पर टायरों में आग लगा दी गई। उधर ममता बनर्जी से इस बारे में पूछा गया कि मालदा की घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है तो उन्होंने कहा कि उनको इस बारे में कुछ भी पता नहीं है।

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