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सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार

New Delhi, May 22 (ANI): A view of the Supreme Court of India, in New Delhi on Thursday. (ANI Photo/Rahul Singh)

नई दिल्ली। सोमवार, 20 जुलाई को जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन और संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने और आंसू गैस के गोले छोड़ने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया है। सर्वोच्च अदालत ने न सिर्फ सुनवाई से इनकार किया, बल्कि यह भी कहा कि अदालत के पास ऐसे वीडियो देखने के लिए समय नहीं है। अदालत ने याचिका दायर करने वाले वकील से यह भी कहा कि वे समय बरबाद कर रहे हैं।

असल में बुधवार को एक वकील ने चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच के सामने जनहित याचिका लगाई थी। इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, ‘हमें वीडियो देखने में कोई रुचि नहीं है। हमारे पास उन्हें देखने का समय नहीं है’। जब वकील ने छात्रों के साथ मारपीट के वीडियो देखने का दूसरी बार अनुरोध किया तो चीफ जस्टिस ने कहा, ‘हमारा और अपना समय बरबाद मत कीजिए’।

गौरतलब है कि 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा था, ‘कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच जैसे होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करने लगते हैं’। इस टिप्पणी के बाद ही अभिजीत दीपके ने इंस्टाग्राम पर कॉकरोच जनता पार्टी नाम से अकाउंट बनाया था। उसी कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च किया था। इस दौरान हजारों प्रदर्शनकारी संसद की तरफ बढ़े थे, इन्हें रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया था।

मंगलवार को इसी तरह का एक मामला दिल्ली हाई कोर्ट में भी पहुंचा था। तब दिल्ली हाई कोर्ट ने भी इसी तरह की याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि कोर्ट को इसमें न घसीटें। उधर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने लाठीचार्ज की जांच की मांग की है। एसोसिएशन ने कहा है कि इस कार्रवाई में कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए। इस घटना की तुरंत, निष्पक्ष और समय से जांच होनी चाहिए। जिम्मेदार लोगों की पहचान और उन पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए।

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