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सुप्रीम कोर्ट का मार्च रोकने से इनकार

New Delhi, May 22 (ANI): A view of the Supreme Court of India, in New Delhi on Thursday. (ANI Photo/Rahul Singh)

नई दिल्ली। शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन सुप्रीम कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के तिरंगा मार्च को रोकने से इनकार किया। कनॉट प्लेस के व्यापारियों के कई समूहों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी और शुक्रवार की शाम को पांच बजे के तिरंगा मार्च को रोकने का आदेश देने की मांग की थी। लेकिन सर्वोच्च अदालत ने दिल्ली के व्यापारियों की याचिका पर तत्काल आदेश देने से इनकार कर दिया। एक दिन पहले गुरुवार को भी सुप्रीम कोर्ट ने मार्च रोकने का आदेश नहीं दिया था। लेकिन पुलिस को सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त करने का निर्देश दिया था।

दिल्ली के व्यापारियों की इस याचिका में कॉकरोच जनता पार्टी के सेंट्रल पार्क में प्रदर्शन से कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी। जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने प्रदर्शन से जुड़ी अन्य याचिकाओं का जिक्र करते हुए कहा, ‘कोई प्रदर्शन करना चाहता है, कोई मूंगफली बेचना चाहता है, कोई कानून व्यवस्था चाहता है, ये सभी बातें आपस में जुड़ी हैं’। गौरतलब है कि प्रदर्शन के कारण एनडीएमसी ने पहले ही सेंट्रल पार्क को दिन तक बंद करने का आदेश दे दिया था।

बहरहाल, कनॉट प्लेस के व्यापारियों का दावा है प्रदर्शन और उसे रोकने के बंदोबस्तों से कनॉट प्लेस में हर दिन दो सौ करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हो सकता है। व्यापारियों ने यह भी कहा है कि 10 अक्टूबर को प्रदर्शन शुरू होने के बाद से दो हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है।शुक्रवार को जो याचिका सुप्रीम कोर्ट के सामने लाई थी वह दिल्ली किराना कमेटी और दिल्ली आयरन एंड हार्डवेयर मर्चेंट एसोसिएशन ने दायर की थी। शुक्रवार सुबह चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस पर सुनवाई की।

अदालत ने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि सभी लोग बेहतर समझदारी दिखाएंगे। हम जानते हैं कि सभी छोटे दुकानदार इन दिनों अपनी रोजी रोटी कमाते हैं। हम जानते हैं कि पूरे परिवारों को किन मुश्किलों और परेशानियों का सामना करना पड़ेगा’। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि सेंट्रल पार्क बंद होने से ठेले वालों और छोटे व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित हो सकता है। प्रदर्शन के कारण उन्हें नुकसान होने का खतरा है। व्यापारी संगठनों ने त्योहार और शादी के सीजन में मध्य दिल्ली में प्रदर्शन के कारण संभावित कारोबार नुकसान का मुद्दा उठाया है।

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