पटना। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बुधवार, 19 अगस्त को पटना में एक बड़ा प्रदर्शन किया। छात्रों से जुड़े मामले को लेकर राजद के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ तेजस्वी ने राज्यपाल के आवास लोकनिवास की ओर मार्च किया। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोकने का प्रयास किया और पानी की बौछार की गई। बाद में राजद नेताओं ने राज्यपाल के सचिव से मिल कर उनको ज्ञापन सौंपा। इससे पहले तेजस्वी ने बुधवार की सुबह गर्दनीबाग में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात की थी।
तेजस्वी यादव ने पटना में जेपी गोलंबर से लोकभवन तक मार्च निकाला। करीब पांच किलोमीटर लंबे रास्ते में उनके साथ हजारों समर्थक मौजूद थे। समर्थकों के साथ तेजस्वी डाकबंगले पर लगाई बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े। इनकम टैक्स चौराहे पर पुलिस ने पानी की बौछार करके प्रदर्शनकारियों को रोका। इसके बाद तेजस्वी को हिरासत में लिया गया। हालांकि, एक घंटा बाद उन्हें छोड़ दिया गया। तेजस्वी पांच साल के बाद पटना की सड़कों पर उतरे थे।
बाद में तेजस्वी ने कहा कि मैं जेल से डरने वाला नहीं हूं। हमारे भगवान श्री कृष्ण का जन्म जेल में ही हुआ था। उन्होंने कहा, जो सत्ता में आया है, उसका जाना तय है। कुछ कार्यकर्ताओं ने पुलिस के ऊपर पानी की बोतलें भी फेंकीं। कुछ कार्यकर्ता लकड़ी की एके 47 राइफल लेकर पहुंचे थे। गौरतलब है कि कुछ समय पहले सिवान में छात्रों के प्रदर्शन पर एक पुलिसकर्मी ने एके 47 राइफल से गोलियां चलाई थीं, जिसका इस प्रदर्शन में विरोध किया गया।
तेजस्वी यादव ने कहा, ‘छात्रों पर एक 47 चलाने का आदेश किसने दिया, इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। जब तक मुख्यमंत्री जिम्मेदारी तय नहीं करेंगे पूरी घटना का वक्तव्य नहीं देंगे और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा’। तेजस्वी ने कहा कि युवाओं को रोजगार देने के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि राज्यपाल अभी मौजूद नहीं हैं। राज्यपाल के आने के बाद राजद का प्रतिनिधिमंडल उनसे मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगा।
लोकभवन मार्च के दौरान पुलिस ने तेजस्वी यादव और राजद सांसद मीसा भारती को हिरासत में लिया। दोनों को सचिवालय थाना ले जाया गया, जहां कुछ देर बाद उन्हें छोड़ दिया गया। मीसा भारती ने कहा, ‘पुलिस मुझे यहां हिरासत में लेकर आई थी। सभी का नाम, पता और बायोडाटा लिया गया और उसके बाद हमें छोड़ दिया गया है’।
