नई दिल्ली। एक तरफ केंद्र सरकार कह रही है कि 20 फीसदी इथेनॉल मिश्रण वाला पेट्रोल यानी ई-20 पेट्रोल पूरी तरह से सुरक्षित है और सरकार इसका कोई दूसरा वर्जन बाजार में नहीं ला सकती है तो दूसरी ओर केंद्र सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार अनंत वी नागेश्वरन ने कहा कि 10 फीसदी इथेनॉल मिश्रण वाले ई-10 पेट्रोल की वापसी होनी चाहिए। उन्होंने यह भी माना है कि ई-20 पेट्रोल से पुरानी गाड़ियों के इंजन को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा है कि पुराने दोपहिया वाहनों के लिए ई-10 पेट्रोल की बिक्री फिर से शुरू की जानी चाहिए।
नागेश्वरन ने अंग्रेजी के अखबार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में लिखे अपने लेख में कहा है कि भारत ने पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने का लक्ष्य समय से पहले हासिल करके अरबों रुपए तो बचा लिए, लेकिन अब नया संकट खड़ा हो रहा है। गौरतलब है कि सरकार दावा करती रही है कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से कच्चे तेल के आयात बिल को बढ़ने से रोका गया है। इससे अरबों रुपए की बचत हुई है। इस बात को अनंत वी नागेश्वरन भी मान रहे हैं। लेकिन उनका कहना है कि इससे पुरानी गाड़ियों के इंजन खराब हो रहे हैं और कृषि क्षेत्र में नया संकट खड़ा हो रहा है।
ध्यान रहे इथेनॉल की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए गन्ना, मक्का और चावल जैसी फसलों को बड़े पैमाने पर उत्पादित किया जाता है और इथेनॉल फैक्ट्रियों में भेजा जा रहा है। अगर इथेनॉल बनाने वाली कंपनियां ज्यादा दाम देकर मक्का खरीदने लगेंगी, तो पोल्ट्री और डेयरी इंडस्ट्री के लिए चारा महंगा हो जाएगा। नतीजा यह होगा कि अंडे, चिकन और दूध के दाम बढ़ेंगे, जिससे सीधे तौर पर खाद्य महंगाई को बढ़ावा मिलेगा। इसी तरह अनंत वी नागेश्वरन ने कहा है कि गन्ना उपजाने के लिए बहुत पानी की जरुरत होती है। इथेनॉल के लिए इनका उत्पादन बढ़ाने से भूमिगत जल का स्तर बहुत नीचे जा रहा है। ऊपर से गन्ने का इस्तेमाल इथेनॉल में होने से चीन की कीमत भी बढ़ रही है।
उन्होंने अपने लेख में कहा है कि इस समय करीब आठ करोड़ पुराने बाइक और स्कूटर सड़क पर चल रहे हैं। ये पुरानी कार्बोरेटर तकनीक पर चलते हैं, जो बीएस-चार इंजन नियमों के आने से पहले बनती थीं। पुरानी कार्बोरेटर वाली गाड़ियां ई-20 पेट्रोल पर ठीक से चल नहीं पातीं। गौरतलब है कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी लगातार कहते रहे हैं कि ई-20 पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन पर असर नहीं पड़ता है।
