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होरमुज का बंद होना मंजूर नहीं

New Delhi, Nov 26 (ANI): Prime Minister Narendra Modi speaks during the virtual inauguration of the Safran Aircraft Engine Services India (SAESI) facility located at the GMR Aerospace and Industrial Park – SEZ, at Hyderabad, in New Delhi on Wednesday. (ANI Video Grab)

नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया के हालात पर सार्वजनिक रूप से बयान दिया है। उन्होंने सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति यानी सीसीएस की बैठक के एक दिन बाद सोमवार को संसद में बयान दिया। लोकसभा में प्रधानमंत्री करीब आधे घंटे बोले और उन्होंने होरमुज की खाड़ी में जहाजों के आवाजाही रोके जाने का विरोध किया। उन्होंने ईरान का नाम नहीं लेकिन कहा कि होरमुज की खाड़ी को बंद किया जाना स्वीकार्य नहीं है। मोदी ने आम नागरिकों और ऊर्जा संयंत्रों पर हमले की भी आलोचना की।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव खत्म होना चाहिए। उन्होंने कहा कि युद्ध से नहीं, बल्कि बातचीत से ही समस्या का समाधान निकलेगा। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘भारत में बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और फर्टिलाइजर जैसी जरूरी चीजें होरमुज की खाड़ी के रास्ते से आती हैं। युद्ध के बाद से ही यहां से जहाजों का आना जाना बहुत चुनौतीपूर्ण हो गया है। बावजूद इसके हमारी सरकार का ये प्रयास रहा है कि पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति बहुत ज्यादा प्रभावित न हो। देश के सामान्य परिवारों को परेशानी भी कम से कम हो इस पर हमारा फोकस रहा है’।

ऊर्जा आपूर्ति की चुनौतियों के बारे में बताते हुए मोदी ने कहा, ‘हम सभी जानते हैं देश अपनी जरूरत की 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है। इसकी सप्लाई में अनिश्चितता के कारण सरकार ने एलपीजी के डोमेस्टिक उपयोग को प्राथमिकता दी है। हमने देश में इसके उत्पादन को बढ़ावा दिया है। पेट्रोल डीजल की सप्लाई सुचारू रूप से होती रहे इस पर भी काम जारी है’।

प्रधानमंत्री मोदी ने संसद के जरिए देश को बताया कि सरकार ऊर्जा आपूर्ति सुचारू रूप से जारी ऱखने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताते हुए कहा, ‘सरकार की कोशिश है कि देश में तेल और गैस का संकट न हो। इसके लिए 27 की जगह अब 41 देशों से इंपोर्ट कर रहे हैं’। उन्होंने खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा को लेकर कहा, ‘पश्चिम एशिया में एक करोड़ भारतीय रहते हैं। उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।’ उन्होंने बताया कि अभी तीन लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित देश लौट चुके हैं। ईरान से भी काफी भारतीय सुरक्षित लौटे हैं, जिनमें सात सौ से ज्यादा मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवा हैं।

प्रधानमंत्री ने संकट के समय रसोई गैस या पेट्रोल, डीजल की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों को सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा, ‘मैं देश की सभी राज्य सरकारों से भी सदन के माध्यम से आग्रह करूंगा ऐसे समय में कालाबाजारी करने वाले जमाखोरी करने वाले एक्टिव हो जाते हैं। इसके लिए कड़ी मॉनीटरिंग जरूरी है। जहां से खबर मिले वहां एक्शन लेना होगा। देश की हर सरकार और देश का हर नागरिक जब मिलकर चलेंगे तो हम हर चुनौती को चुनौती दे सकेंगे’।

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