नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के पहले चरण के बचे हुए चार दिनों की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिए सोमवार को विपक्षी नेताओं की स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात हुई। इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह ने भी स्पीकर से मुलाकात की। इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी और डीएमके नेता टीआर बालू स्पीकर से मिले थे। विपक्षी सांसदों की स्पीकर से हुई मुलाकात के दौरान संसद में बने गतिरोध पर बात हुई। हालांकि इसका कोई नतीजा नहीं निकला। फिर भी अच्छी बात है कि गतिरोध सुलझाने का प्रयास शुरू हुआ है।
विपक्षी पार्टियां चाहती हैं कि राहुल गांधी को बोलने दिया जाए। परंतु सरकार का कहना है कि अगर उन्होंने दो फरवरी के भाषण को आगे बढ़ाया और फिर जनरल एमएम नरवणे की किताब लेकर आ गए तो क्या होगा? इसी तरह विपक्षी नेताओं ने आठ सांसदों के निलंबन का मुद्दा उठाया, जिस पर सरकार ने कहा कि गतिरोध खत्म होने के बाद ही इस पर विचार हो सकता है। विपक्ष की ओर से महिला सांसदों से प्रधानमंत्री को खतरा होने के आरोपों का मुद्दा उठाया। इस पर कहा गया कि कैमरे में दिख रहा है कि महिला सांसद प्रधानमंत्री की कुर्सी की तरफ बढ़ रही थीं। विपक्षी सांसदों ने निशिकांत दुबे को किताब के अंश पढ़ने की इजाजत देने का मुद्दा भी उठाया। कुल मिला कर ये सारे मुद्दे जस के तस रहे। अब मंगलवार की सुबह फिर इन पर बात होगी।
