नई दिल्ली। विपक्षी गठबंधन यानी ‘इंडिया’ ब्लॉक की पार्टियों ने फिर से कमर कसी है और केंद्र सरकार के खिलाफ एक होकर लड़ने का फैसला किया है। सोमवार को दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में हुई विपक्षी पार्टियों की बैठक में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण यानी एसआईआर से लेकर महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा व परीक्षा में गड़बड़ी के मसले पर सरकार के खिलाफ अभियान चलाने पर सहमति बनी है।
बैठक में गिले शिकवे भी हुए। सीपीएम ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन पर दिए राहुल गांधी के बयान का मुद्दा उठाया, जिस पर राहुल ने कहा कि उनका बयान राजनीतिक था। बैठक से पहले सोनिया गांधी और ममता बनर्जी गले मिले और बैठक के दौरान सीपीआई माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि संकट के इस समय में विपक्षी गठबंधन पूरी तरह से ममता बनर्जी के साथ खड़ा होगा। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने डीएमके और आम आदमी पार्टी और गठबंधन से अलग होने का मुद्दा भी उठाया।
बहरहाल, ठीक दो साल बाद हुई ‘इंडिया’ ब्लॉक की बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि अब हर दो महीने में इस तरह की बैठक होगी। अगली बैठक आठ अगस्त को हैदराबाद में करने का फैसला हुआ है। बैठक में तय किया गया कि एसआईआर को लेकर चीफ जस्टिस को चिट्ठी लिखी जाएगी। विपक्ष ने महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने के अपील की है। इसके अलावा नीट यूजी के पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा गया है। सभी पार्टियों ने तय किया है कि संसद के मानसून सत्र में हर दिन उनकी बैठक होगी।
सोमवार को हुई बैठक में ‘इंडिया’ ब्लॉक की सातवीं बैठक थी, जिसमें 25 दलों के नेता शामिल हुए। दिल्ली में हुई बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, सुप्रिया सुले, कपिल सिब्बल समेत कई नेता मौजूद रहे। उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। मीटिंग के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और उन मुद्दों की जानकारी दी, जिन पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि नीट यूजी के छात्रों के साथ धोखा हुआ और नीट व सीबीएसई की परीक्षा में गड़बड़ी के लिए शिक्षा मंत्री जिम्मेदार हैं।
बैठक से पहले दिल्ली की अकबर रोड पर सोमवार सुबह कुछ पोस्टर लगाए गए थे। हालांकि पोस्टर किसने लगाए इसका पता नहीं चल सका है। पोस्टर के जरिए ‘इंडिया’ ब्लॉक के अंदरूनी विभाजन को दिखाया गया था। इसमें राहुल गांधी की तस्वीर थी सहयोगी पार्टियों के नेताओं की ओर से उनके खिलाफ दिए गए बयान थे। दोपहर में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ये पोस्टर हटाए। इसमें शरद पवार का भी एक बयान था। हालांकि सोमवार की बैठक को लेकर पवार ने कहा कि मौजूदा समय में विपक्षी ब्लॉक के सभी दलों को एकजुट रखना सबसे जरूरी है।
