नई दिल्ली। दक्षिण पश्चिम मानसून की रफ्तार एक बार फिर थम गई है। केरल के तट से पहले कई दिन तक अटके रहने के बाद अब एक बार फिर मानसून ठहर गया है। सेटेलाइट की तस्वीरों के मुताबिक मानसून के बादल गायब हो गए हैं। 15 जून की सेटेलाइट तस्वीरों में दिख रहा है कि देश के बड़े हिस्से से मानसूनी बादल गायब हैं। इससे पहले चार जून को केरल के तट पर पहुंचने के बाद मानसून तेजी से आगे बढ़ा था।
फिर भी अभी तक दक्षिण पश्चिम मानसून की बारिश कम रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, चार से 15 जून के बीच देश में सामान्य रूप से 53.7 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए। लेकिन इसके मुकाबले सिर्फ 19.2 मिलीमीटर बारिश हुई है। इसका अर्थ है कि एक तिहाई बारिश हुई है। इस अवधि में बारिश सामान्य से 64 फीसदी कम रही है। बताया गया है कि मानसून की गतिविधियां कमजोर होने से 16 राज्यों में बारिश का इंतजार बढ़ गया है।
मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सहित 16 राज्यों में मानसून का इंतजार बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि दक्षिण भारत से आगे बढ़ने के बाद मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के आसपास ठहर गया है। पूर्वोत्तर राज्यों को कवर करने के बाद यह बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में रुक गया है।
इस बीच सोमवार को दिल्ली के कई इलाकों में भी धूल भरी आंधी और तेज हवाएं चलीं। इसके बाद तेज बारिश भी हुई। पालम मौसम केंद्र पर हवा की रफ्तार 92 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। बहरहाल, मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून के कमजोर होने की वजह समुद्र में नमी की कमी नहीं, बल्कि ऊपरी वायुमंडल की हवाओं का असामान्य पैटर्न है। इस बार पश्चिमी जेट स्ट्रीम सामान्य से ज्यादा दक्षिण की ओर खिसक गई है, जिससे मानसून को आगे बढ़ाने वाली हवाएं प्रभावित हो रही हैं।
