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परिसीमन का विरोध करेगा विपक्ष

New Delhi, Apr 04 (ANI): Opposition uproar in the Lok Sabha over the Waqf (Amendment) Bill 2025 during the Budget session of Parliament, in New Delhi on Friday. (ANI Photo/Sansad TV)

नई दिल्ली। विपक्ष ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। वह महिला आरक्षण के समर्थन में है लेकिन परिसीमन का विरोध करेगा। विपक्षी पार्टियों ने बुधवार, 15 अप्रैल को बैठक करके फैसला किया कि अगर सरकार लोकसभा की मौजूदा सीटों यानी 543 सीट पर महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण का कानून लाती है तो विपक्ष उसका समर्थन करेगा। लेकिन परिसमन के जरिए सीटें बढ़ाने का विपक्ष विरोध करेगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को विपक्षी नेताओं के साथ मीटिंग के बाद विपक्ष के इस स्टैंड का ऐलान किया।

विपक्षी पार्टियों के इस रुख से सरकार के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। सरकार गुरुवार, 16 अप्रैल से शुरू हो रहे तीन दिन के सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन के लिए संविधान संशोधन से जुड़े तीन विधेयक ला रही है। इससे एक दिन पहले बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के घर पर विपक्षी पार्टियों की बैठक हुई। इसमें राहुल गांधी भी शामिल हुए। बैठक में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस, राजद, उद्धव ठाकरे की शिव सेना, शरद पवार की एनसीपी और आम आदमी पार्टी के नेता शामिल हुए।

बैठक के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘हम महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है लेकिन सरकार इसे राजनीतिक कारणों से आगे बढ़ा रही है ताकि विपक्ष को दबाया जा सके। इसलिए हमने परिसीमन बिल के विरोध का फैसला किया है’। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘पूरा विपक्ष बिल के खिलाफ वोट करेगा’। गौरतलब है कि केंद्र सरकार 16 से 18 अप्रैल को होने वाली संसद की बैठक में तीन बिल लाने वाली है। इनमें संविधान (131वां संशोधन) बिल, परिसीमन विधेयक (संशोधन) और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल, 2026 शामिल हैं।

केंद्र सरकार का प्रस्ताव लोकसभा की सीटें 543 से बढ़ा कर 850 करना है। इनमें 815 सीटें राज्यों की और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों की होंगी। इन साढ़े आठ सौ सीटों में से करीब महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें यानी 280 से ज्यादा सीटें आरक्षित होंगी। इन तीन विधेयकों पर विचार के लिए हुई विपक्षी पार्टियों की बैठक में तय किया गया कि इसे मौजूदा लोकसभा की 543 सीटों के आधार पर ही 2029 के चुनाव से लागू किया जाए।  बैठक की दूसरी खास बात यह रही कि सभी विपक्षी पार्टियों ने कहा कि वे परिसीमन के प्रावधानों के बिल्कुल खिलाफ हैं। विपक्ष के नेता लोकसभा और राज्यसभा की बहस में भाग लेंगे और इसका विरोध करेंगे।

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