नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने चार नए जज बनाने का फैसला किया। इस तरह सर्वोच्च अदालत में जजों की संख्या 33 से बढ़ कर 37 हो जाएगी। सरकार संसद के अगले सत्र में इससे जुड़ा विधेयक पेश करेगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में फिलहाल चीफ जस्टिस सहित 33 जजों की तय संख्या है। सरकार इसमें चार नए जज जोड़ना चाहती है। इसके लिए संसद के अगले सत्र में बिल लाया जाएगा।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद 1956 के कानून में संशोधन किया जाएगा। संविधान के अनुच्छेद 124(1) के तहत सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का अधिकार संसद के पास है। कानून लागू होने के बाद सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम नए जजों के नाम सरकार को भेजेगा। इससे पहले 2019 में सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 31 से बढ़ा कर 33 की गई थी। वहीं, 2008 में जजों की संख्या 26 से बढ़कर 31 हुई थी।
अभी सुप्रीम कोर्ट में सभी 33 पद नहीं भरे हुए हैं। फिलहाल दो पद खाली हैं। चीफ जस्टिस बीआर गवई नवंबर 2025 में और जस्टिस राजेश बिंदल अप्रैल 2026 में रिटायर हुए थे। आने वाले महीनों में सुप्रीम कोर्ट में तीन और पद खाली होने वाले हैं। जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस पंकज मित्तल जून 2026 में रिटायर होंगे, जबकि जस्टिस संजय करोल अगस्त 2026 में रिटायर होंगे।
