नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रही जंग से पैदा हो रहे हालात पर विचार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों से बात की। चुनाव वाले पांच राज्यों के मुख्यमंत्री आचार संहिता की वजह से इस बैठक में शामिल नहीं हुए। इस बैछक में प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि सभी राज्य टीम इंडिया की तरह मिल कर काम करें और अपनी तैयारियां मजबूत रखें। वर्चुअल तरीके से हुई इस बैठक में प्रधानमंत्री ने राज्यों से उनकी तैयारियों और योजनाओं की जानकारी ली। यह पहली बार है जब इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की है। बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह मौजूद रहे।
इससे पहले केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया में चल रही जंग की वजह से भारत में लॉकडाउन लगाए जाने की चर्चाओं को सिरे से खारिज किया। शुक्रवार को दिन में कम से कम तीन केंद्रीय मंत्रियों ने इस चर्चाओं का खंडन किया है और कहा है कि देश में तेल और गैस का पर्याप्त भंडार और सुचारू रूप से आपूर्ति हो रही है इसलिए लॉकडाउन लगाने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक दिन पहले कहा था कि सरकार लॉकडाउन लगाने की तैयारी कर रही है ताकि लोग वोट डालने नहीं जा सकें।
बहरहाल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू और पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लॉकडाउन की खबरों का खंडन किया है। दूसरी ओर पेट्रोलियम मंत्रालय की संय़ुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने रोजाना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सभी रिफाइनरी सौ फीसदी की क्षमता से काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि देश में एलपीजी उत्पादन 40 फीसदी बढ़ा है।
इस बीच केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया में चल रही जंग से पैदा हो रहे हालात पर नजर रखने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रियों की एक कमेटी का गठन किया है। गौरतलब है कि पिछले दिनों पश्चिम एशिया के हालात पर विचार के लिए सरकार ने सभी पार्टियों की एक बैठक बुलाई थी। उसकी भी अध्यक्षता राजनाथ सिंह ने की।
