नई दिल्ली। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को बड़ी राहत मिली है। उनके खिलाफ अपने बटुकों का यौन शोषण करने के आरोप लगा कर मुकदमा दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी अपने आरोपों से पीछे हट गए हैं। उन्होंने मंगलवार को फेसबुक पर एक वीडियो जारी कर कहा, ‘जगद्गुरु रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी रामचंद्र दास ने दबाव बनाकर उनसे अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराया था’। गौरतलब है कि जब मुकदमा दर्ज कराया गया था उस समय भी ऐसी बातें सामने आई थीं।
बहरहाल, आशुतोष ब्रह्मचारी ने वीडियो में दावा किया है कि उन्हें गुमराह कर इस मामले में शामिल किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि साजिश में कुछ अधिकारी भी शामिल थे। उनके पास इससे जुड़े सबूत और व्हाट्सऐप चैट मौजूद हैं और वे जल्दी ही पूरे मामले का खुलासा करेंगे। उन्होंने कहा कि वे बताएंगे कि उन्हें इस विवाद में क्यों और कैसे शामिल किया गया। साथ ही आशुतोष ब्रह्मचारी ने यह भी कहा कि यदि उनके गुरु जगद्गुरु रामभद्राचार्य को कोई नुकसान पहुंचता है, तो इसके लिए रामचंद्र दास जिम्मेदार होंगे।
रामचंद्र दास पर गंभीर आरोप लगाते हुए आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि रामचंद्र दास उनका गुरु भाई है, लेकिन वह कुकर्मी, ढोंगी और फ्रॉडी है। यह उनका दुर्भाग्य है कि वह उसके संपर्क में आए। आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि वे जगद्गुरु रामभद्राचार्य का सम्मान करते हैं और जीवन भर करते रहेंगे, लेकिन उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है। उन्होंने दावा किया कि रामचंद्र दास ने फर्जी वसीयत बनाकर श्री देव बाबा जी आश्रम पर कब्जा किया है। इस मामले में उन्होंने मथुरा एसएसपी को शिकायत भेजी है।
आशुतोष ब्रह्मचारी का कहना है कि अगर पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं करती है तो वे अदालत जाएंगे। उन्होंने कहा कि वे सत्य की लड़ाई लड़ेंगे और जैसे अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी, वैसे ही रामचंद्र दास के खिलाफ भी अदालत में लड़ेंगे। हालांकि मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार ने कहा कि उन्हें इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है और उनकी आशुतोष ब्रह्मचारी से कोई मुलाकात भी नहीं हुई है।
