कोलकाता। पश्चिम बंगाल की अपनी पारंपरिक नंदीग्राम सीट के उपचुनाव को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी चिंता में हैं। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख बीतने के बाद शुक्रवार को शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे से मुलाकात की और उसके बाद वे चुनाव मैदान से हट गईं। इसके बाद ममता ने कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया और उसके चंद मिनटों के बाद ही मिलन प्रधान को पश्चिम बंगाल की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसे लेकर प्रदेश में घमासान मचा है। कांग्रेस कह रही है कि हार के डर से सरकार ऐसा कर रही है।
गौरतलब है कि नंदीग्राम शुभेंदु अधिकारी का गढ़ है। उन्होंने 2021 के चुनाव में वहां ममता बनर्जी को हराया था और 2026 में ममता की पार्टी के पबित्र कार को हराया। इसके बावजूद 2026 का उपचुनाव बड़े संग्राम में तब्दील हो रहा है। ध्यान रहे 2021 में शुभेंदु सिर्फ 19 सौ वोट से जीते थे और 2026 में 10 हजार वोट से। चार मई को आए नतीजे में ममता की पार्टी को एक लाख 17 हजार वोट मिले थे। भाजपा और तृणमूल के वोट में चार फीसदी का अंतर था।
शुभेंदु अधिकारी के लिए नंदीग्राम सीट प्रतिष्ठा का मामला है। उनको पता है कि रेजीनगर उपचुनाव में जीतना मुश्किल है क्योंकि वहां मुस्लिम आबादी 50 फीसदी से ज्यादा है। इसलिए उनको नंदीग्राम सीट पर हाल में जीतना है। तभी नामांकन की तारीख बीतने के बाद ममता की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे से सीएम मिले और उसके बाद वे मैदान से हटीं। उसके बाद ममता ने कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन दिया तो पुलिस ने उनको हत्या के एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया।
नंदीग्राम सीट पर छह अक्टूबर को मतदान होना है। नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया समाप्त हो गई है और शनिवार को नाम वापस लेने का आखिरी दिन है। उससे पहले ममता की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। इसके बाद ममता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे नंदीग्राम सीट से कांग्रेस कैंडिडेट को समर्थन देंगी। ममता ने रेजीनगर सीट से पूर्व विधायक रबीउल आलम चौधरी को उतारा है। वे मैदान में बने रहेंगे। ममता ने 13 सितंबर को दोनों उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की थी।
ध्यान रहे नंदीग्राम में 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस को 2011 में सत्ता तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। उस समय शुभेंदु अधिकारी तृणमूल कांग्रेस में ही थे और ममता बनर्जी के सबसे करीबी सहयोगी थे। इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट मोहम्मद एतेशामुल हक को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने शुभेंदु अधिकारी के पीए रहे चंद्रनाथ रथ की मां को प्रत्याशी बनाया है। गौरतलब है कि चुनाव नतीजे आने के दो दिन बाद चंद्रनाथ रथ की कोलकाता में ही गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।
