Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar

ईरान के डर से ट्रंप ने बदला था विमान

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद मान लिया है कि उन्होंने ईरान के डर से विमान बदला है। अमेरिकी मीडिया में यह खबर आने के बाद ट्रंप ने माना कि उन्होंने ईरान से खतरे की वजह से तुर्किए में विमान बदला और दूसरे विमान से लंदन पहुंचे। यह घटना पिछले महीने की है। ट्रंप ने खुद खतरे के कारण विमान बदल लिया था लेकिन अपने एयर फोर्स वन में दूसरे अधिकारियों और पत्रकारों को जाने दिया था।

बहरहाल, ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वे जिस विमान से नाटो की बैठक में हिस्सा लेने गए थे उस पर हमले का सबसे ज्यादा खतरा था। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें सुरक्षा कारणों से एयरपोर्ट के केटरिंग ट्रक में बैठाकर दूसरे विमान तक ले जाया गया। ट्रंप ने कहा, ‘अगर कोई हमला होता तो उसी प्लेन को निशाना बनाया जाता। मैं वही करता हूं, जो सुरक्षा एजेंसियां कहती हैं। मुझे लगातार धमकियां मिलती रहती हैं’।

इससे पहले ‘वॉशिंगटन पोस्ट’ ने दावा किया था कि आठ जुलाई को अंकारा से रवाना होते समय ट्रंप कैमरों के सामने बोइंग 747 एयर फोर्स वन में सवार हुए थे। यह विमान उन्हें कतर ने गिफ्ट किया था। इसके बाद एयरपोर्ट पर सामान और खाना पहुंचाने वाली केटरिंग गाड़ी की मदद से उन्हें चुपचाप अमेरिकी वायुसेना के वीआईपी सैन्य विमान सी 32ए तक ले जाया गया।

अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप को लेकर छोटा सी 32ए विमान रात करीब 10 बज कर 20 मिनट पर ब्रिटेन के आरएएफ मिल्डेनहॉल एयरबेस पहुंचा। इसके कुछ मिनट बाद एयरफोर्स वन भी वहां पहुंच गया। उस विमान में पत्रकार सवार थे। इसके बाद उन्हें चुपचाप पुराने एयरफोर्स वन में लाया गया। कुछ देर बाद वे उसी विमान से उतरते दिखे, जिससे पत्रकारों को लगा कि वे पूरी यात्रा उसी में कर रहे थे। ट्रंप ने विमान से उतर कर पत्रकारों की तरफ हाथ हिलाया, लेकिन उनसे बात नहीं की।

Exit mobile version