नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट्स और खार्ग द्वीप पर उसके तेल भंडार को उड़ा देने की धमकी दी है। ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान ने होरमुज की खाड़ी नहीं खोली तो उसके ऊर्जा संयंत्रों पर बड़ा हमला होगा। इतना ही नहीं यह भी खबर है कि अमेरिका 10 हजार से ज्यादा सैनिक ईरान में उतार कर उसके यूरेनियम जब्त करने की तैयारी भी कर रहा है। गौरतलब है कि ट्रंप ने छह अप्रैल तक पावर प्लांट्स पर हमला नहीं करने की घोषणा की है।
उससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने धमकाया है कि अगर होरमुज की खाड़ी ईरान तुरंत नहीं खोलता और समझौता नहीं करता है, तो अमेरिका उसके ऊर्जा ठिकानों को तबाह कर देगा। सोशल मीडिया पर जारी बयान में ट्रंप ने कहा है कि पावर प्लांट, तेल के कुएं और खार्ग आइलैंड को पूरी तरह उड़ा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर डीसैलिनेशन प्लांट्स यानी जहां समुद्र के खारे पानी को पीने लायक बनाया जाता है, उसको भी निशाना बनाया जा सकता है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के अंदर सत्ता बदल जाने का भी दावा किया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका एक नए और ज्यादा समझदार शासन के साथ बातचीत कर रहा है और इसमें प्रगति हो रही है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि ये नए लोग कौन हैं और अगर नए लोगों से बात हो रही है तो हमला कौन कर रहा है? वार्ता जारी होने की बात कहने के बाद उन्होंने यह भी कहा कि अगर जल्द समझौता नहीं हुआ तो सैन्य कार्रवाई तेज की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कदम अमेरिकी सैनिकों और अन्य लोगों की मौत का बदला लेने के लिए उठाया जाएगा, जिनके लिए उन्होंने ईरान को जिम्मेदार ठहराया।
उधर अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भी लोगों को भरोसा दिलाया है और कहा है कि वैश्विक तेल बाजार में फिलहाल सप्लाई पर्याप्त है और होरमुज की खाड़ी से अब ज्यादा जहाज गुजर रहे हैं। ‘फॉक्स न्यूज’ को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि समय के साथ अमेरिका इस अहम समुद्री रास्ते पर फिर से कंट्रोल हासिल करेगा और यहां जहाजों की आवाजाही पूरी तरह सुरक्षित बनाई जाएगी। अमेरिकी वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए एस्कॉर्ट देगा या फिर कई देशों के साथ मिलकर मल्टीनेशनल एस्कॉर्ट सिस्टम बनाया जाएगा, ताकि समुद्री रास्तों पर फ्री नेविगेशन तय किया जा सके।
