नई दिल्ली। भारत से व्यापार संधि पर अभी दस्तखत नहीं हुए हैं लेकिन उससे पहले ही अमेरिका ने बांग्लादेश से संधि कर ली है। बांग्लादेश से हुई व्यापार संधि के बाद कम से कम कपड़े के मामले में भारत को मिला एडवांटेज समाप्त हो जाएगा। बांग्लादेश से एक निश्चित मात्रा में कपड़ा और तैयार वस्त्र जीरो टैरिफ पर अमेरिका को निर्यात होगा। गौरतलब है कि बांग्लादेश में 12 फरवरी को चुनाव होने वाला है। उससे पहले अमेरिका ने उसके साथ व्यापार संधि की है।
इस संधि के तहत, अमेरिका ने बांग्लादेशी वस्तुओं पर टैरिफ को घटा कर 19 फीसदी कर दिया है। यह दो अप्रैल 2025 को जारी कार्यकारी आदेश में तय किए गए 20 फीसदी टैरिफ से एक फीसदी कम है। गौरतलब है कि भारत के साथ अमेरिका ने 18 फीसदी टैरिफ पर व्यापार संधि फाइनल की है। औसत टैरिफ तो भारत में फिर भी एक फीसदी कम है। लेकिन भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिका-बांग्लादेश समझौते का सबसे संवेदनशील पहलू कपड़े और तैयार वस्त्र से जुड़ा एक विशेष प्रावधान है।
अमेरिका और बांग्लादेश के संयुक्त बयान के अनुसार, वाशिंगटन ने एक ऐसा सिस्टम स्थापित करने पर सहमति जताई है, जिससे बांग्लादेशी टेक्स्टाइल और अपैरल निर्यात को एक निश्चित मात्रा में जीरो टैरिफ पर अमेरिका में एंट्री मिलेगी। यह मात्रा कितनी होगी, इसका आकार बांग्लादेश द्वारा अमेरिका से आयातित टेक्स्टाइल इनपुट्स, जैसे अमेरिकी कॉटन और मैन मेड फाइबर्स के आधार पर तय किया जाएगा। इस प्रावधान के कारण ऐसा माना जा रहा है कि बांग्लादेश अमेरिकी वस्त्र बाजार में कीमत के आधार पर बढ़त हासिल कर सकता है। अमेरिका और बांग्लादेश के समझौते के बाद भारत में कपड़ा उद्योग से जुड़ी कंपनियों पर बड़ा दबाव रहा। मंगलवार को कई बड़ी कपड़ा कंपनियों के शेयर पांच फीसदी तक नीचे गिर गए।
