केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट (यूजी) री-एग्जाम की तैयारियों की समीक्षा की है। पुनर्परीक्षा की तैयारियों पर उन्होंने मंगलवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई। बता दें कि नीट यूजी की यह परीक्षा अब 21 जून को होनी है। पहले यह परीक्षा तीन मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक होने के बाद 11 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। फिलहाल, सीबीआई इस पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रही है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की मंगलवार को हुई इस बैठक में नीट यूजी पुनर्परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पिछली परीक्षा प्रक्रिया में सामने आई सभी कमियों को पूरी तरह दूर किया जाए। इस बार परीक्षा का आयोजन पूरी तरह सुरक्षित, निर्बाध और त्रुटिरहित तरीके से सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया है। बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, परीक्षा आयोजित करवाने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परीक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नीट परीक्षा का संचालन कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत किया जाए ताकि परीक्षा की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनी रहे। केंद्रीय मंत्री ने राज्यों के जिला मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधीक्षकों के साथ समन्वय बैठकों के आयोजन के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल के जरिए परीक्षा केंद्रों पर निगरानी को मजबूत बनाया जाए और सभी व्यवस्थाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
Also Read : ब्रिक्स समिट 2026 : रूस के राष्ट्रपति पुतिन का भारत आगमन
उन्होंने विशेष रूप से परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा कि सतर्कता और निगरानी में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती, अभ्यर्थियों की जांच व्यवस्था तथा संवेदनशील केंद्रों की विशेष निगरानी सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही शिक्षा मंत्री ने छात्रों की सुविधा को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों के लिए परिवहन, पेयजल, बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाएं, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक उपायों पर भी चर्चा हुई।
मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि इस बार परीक्षा संचालन में बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि नीट पुनर्परीक्षा का सफल और निष्पक्ष आयोजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी एजेंसियों को पूरी जिम्मेदारी और समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
गौरतलब है कि पिछली बार 3 मई को यह परीक्षा आयोजित की गई थी। इसके चार दिन बाद 7 मई को एनटीए को परीक्षा में गड़बड़ियों की जानकारी मिली थी, जिसके बाद 8 मई को मामला केंद्रीय एजेंसियों को भेजा गया। बाद में परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया। शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि नीट यूजी री-एग्जाम कराने का फैसला छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया है।
Pic Credit : ANI
