नई दिल्ली। एक तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को धमकी दे रहे हैं और ईरान नए हमले कर रहा है तो दूसरी ओर दोनों देशों के बीच युद्धविराम के लिए बातचीत के प्रयास भी हो रहे हैं। अमेरिका मीडिया के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप की टीम ईरान के साथ युद्धविराम पर बात करना चाहते हैं। ईरान के साथ पहले से वार्ता कर रहे ट्रंप के दामाद और सलाहकार जेरेड कुशनर व स्टीव विटकॉफ इस प्रयास में लगे हुए हैं।
अमेरिकी मीडिया ‘एक्सियोस न्यूज’ ने अपनी वेबसाइट पर इसकी जानकारी दी है। बताया जा रहा है कि ईरान ने बातचीत के लिए शर्त रखी है कि पहले जंग रोकी जाए और उसे हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए। ईरान का यह भी कहना है कि भविष्य में उस पर फिर से हमला नहीं होगा, इसकी पक्की गारंटी मिले। गौरतलब है कि इस तरह की शर्त ईरान पहले ही रख चुका है। हालांकि ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वे अभी ईरान की सभी शर्तें मानने के लिए तैयार नहीं हैं, खासकर मुआवजे की मांग को। बताया जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत नहीं हो रही है। मिस्र, कतर और ब्रिटेन जैसे देश मध्यस्थ का रोल निभा रहे हैं। बताया गया है कि अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना मिसाइल प्रोग्राम कुछ समय के लिए बंद करे, यूरेनियम संवर्धन रोक दे और अपने परमाणु ठिकानों को भी बंद करे। साथ ही हिजबुल्लाह और हमास को पैसे देना भी बंद करे।
इस बीच उधर तुर्किए के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने पश्चिम एशिया में चल रही जंग को रोकने के लिए कई देशों से बातचीत की है। खबरों के मुताबिक, उन्होंने ईरान, मिस्र, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के नेताओं से अलग अलग बातचीत की। उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची, मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलाती और यूरोपीय संघ की अधिकारी काजा कलास से भी बात की। इस बातचीत का मकसद जंग को खत्म करने के रास्ते तलाशना था।
