नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच दो अप्रैल से चल रहा युद्धविराम टूट गया है। हालांकि यह नहीं कहा जा सकता है कि स्थायी रूप से युद्धविराम समाप्त हो गया है लेकिन दोनों के बीच एक बार फिर जंग हुई है। इससे पहले इजराइल और ईरान के बीच भी संक्षिप्त जंग हुई। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से ईरान को धमकी दी है और कहा है कि उसने समझौता वार्ता करने में देर कर दी है और उसे इसका खामियाजा भुगतना होगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर ईरान के हारने का दावा किया। उन्होंने कहा कि ईरानी सेना पूरी तरह से बिखर चुकी है। नौसेना और वायु सेना लगभग खत्म हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि ईरान सिर्फ बड़ी बड़ी बातें करता है, लेकिन कोई एक्शन नहीं लेता। ट्रंप ने कहा कि ईरान अपने को मध्य पूर्व का सबसे बड़ा दादा समझता था, लेकिन अब खत्म हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने समझौते पर बातचीत करने में बहुत ज्यादा देर कर दी। अब उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
इससे पहले ईरान ने बुधवार को बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी ने कहा कि ये हमले अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में किए गए हैं। गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिकी सेना ने होर्मुज की खाड़ी के पास ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और निगरानी रडार ठिकानों पर हवाई हमले किए थे।
असल में अमेरिका ने यह हमला तब शुरू किया, जब सोमवार को होर्मुज की खाड़ी के पास अमेरिकी सेना का अपाचे हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। ईरान ने अमेरिकी हेलीकॉप्टर गिराने की जिम्मेदारी नहीं ली है। लेकिन ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अमेरिका का हेलीकॉप्टर गिराया है इसका जवाब देना जरूरी है। इसके बाद ही अमेरिका ने ईरान पर हमला शुरू किया।
इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा है कि देश को ‘न युद्ध, न शांति’ यानी असमंजस की स्थिति से बाहर निकलना होगा। उन्होंने दावा किया कि पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई भी चाहते थे कि बातचीत के जरिए इस समस्या का हल निकाला जाए और उन्होंने इसके लिए मंजूरी दी थी। पेजेशकियान ने कहा कि युद्ध ईरान के लिए अच्छा नहीं है, लेकिन अगर कोई देश उस पर हमला करता है तो ईरान जवाब देगा और किसी के सामने झुकेगा नहीं।
