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भारत लौटे बिना विजय माल्या को नहीं मिलेगी राहत, बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिया अंतिम मौका

Britain, July 02 (ANI): Vijay Mallya outside the London High Court where the hearing on his plea against extradition is underway on Tuesday. (ANI Photo)

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को कड़ी फटकार लगाते हुए साफ कहा कि जो व्यक्ति जानबूझकर अदालत की प्रक्रिया से बच रहा हो, वह ‘इक्विटेबल रिलीफ’ (न्यायोचित राहत) का लाभ नहीं ले सकता। हालांकि, अदालत ने निष्पक्षता के आधार पर माल्या को यह स्पष्ट करने के लिए एक अंतिम मौका दिया कि क्या वे भारत लौटने का इरादा रखते हैं या नहीं। 

मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ विजय माल्या की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 की संवैधानिक वैधता और खुद को भगोड़ा घोषित किए जाने की कार्यवाही को चुनौती दी है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि वह यह दर्ज करने के पक्ष में है कि विजय माल्या अदालत के अधिकार क्षेत्र से बच रहे हैं, इसलिए उनकी याचिका में राहत की अपेक्षा नहीं की जा सकती। कोर्ट ने स्पष्ट कहा, “आपको वापस आना होगा। यदि आप वापस नहीं आते हैं तो हम आपकी याचिका पर सुनवाई नहीं कर सकते। आप अदालत की प्रक्रिया से बच रहे हैं, इसलिए आप राहत नहीं मांग सकते। फिर भी निष्पक्षता के तहत हम मामला खारिज नहीं कर रहे हैं और आपको एक और मौका दे रहे हैं।” अदालत ने मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दी है।

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इससे पहले विदेश मंत्रालय (एमईए) ने भी दोहराया था कि भारत सरकार आर्थिक अपराधियों को वापस लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि कई कानूनी प्रक्रियाएं शामिल हैं, लेकिन सरकार की ओर से विजय माल्या और ललित मोदी जैसे हाई-प्रोफाइल आर्थिक अपराधियों को भारत लाकर अदालत में पेश करने की कोशिश की जा रही है। 

लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने जानकारी दी कि 31 अक्टूबर 2025 तक कुल 15 लोगों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है, जिनमें से 9 लोगों पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी का आरोप है, जिससे 26,645 करोड़ रुपए का मूल नुकसान हुआ। इन पर 31 अक्टूबर 2025 तक 31,437 करोड़ रुपए का ब्याज भी जुड़ चुका है, जबकि 19,187 करोड़ रुपए की वसूली की जा चुकी है।

हालांकि, विजय माल्या और ललित मोदी ने अपने खिलाफ लगे वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों से इनकार किया है। माल्या ने हाल ही में केंद्र सरकार और सार्वजनिक बैंकों से यह भी सवाल किया था कि उनसे वसूली गई राशि को लेकर अलग-अलग बयान क्यों दिए जा रहे हैं, और इस मामले की जांच के लिए सेवानिवृत्त जज की नियुक्ति की मांग की थी।

Pic Credit : ANI

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