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व्हाट्सऐप को सुप्रीम कोर्ट की फटकार

New Delhi, May 22 (ANI): A view of the Supreme Court of India, in New Delhi on Thursday. (ANI Photo/Rahul Singh)

नई दिल्ली। प्राइवेसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को व्हाट्सऐप और उसकी पैरेंट कंपनी मेटा को कड़ी फटकार लगाई। सर्वोच्च अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा, ‘हम आपको एक भी जानकारी शेयर करने की इजाजत नहीं देंगे। आप इस देशवासियों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते’। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, ‘यदि आप हमारे संविधान का पालन नहीं कर सकते, तो भारत छोड़ दें। हम नागरिकों की प्राइवेसी से समझौता नहीं होने देंगे

चीफ जस्टिस ने अपनी मिसाल देते हुए प्राइवेसी के उल्लंघन का मुद्दा उठाया। चीफ जस्टिस ने कहा कि उन्होंने एक दिन एक डॉक्टर से किसी बीमारी के बारे में बात की और अगले दिन से उनको इस बीमारी और इलाज से जुड़े विज्ञापन दिखने लगे। यह मिसाल अपने आप इन कंपनियों की प्राइवेसी के दावे की पोल खोलती है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पांचोली की बेंच ने मंगलवार को मेटा की याचिका पर सुनवाई की।

यह याचिका वॉट्सऐप की 2021 प्राइवेसी पॉलिसी से जुड़ी है, जिसमें कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया ने नवंबर 2024 में मेटा पर 213.14 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया था। इसे राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण यानी एनसीएलएटी ने बरकरार रखा था। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने याचिका में आईटी मंत्रालय को भी पक्षकार बनाने को कहा है। कोर्ट इस मामले में नौ फरवरी को अंतरिम आदेश देगा।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि देश में लोगों के प्राइवेसी के अधिकार की कड़ी सुरक्षा की जाती है। अदालत ने कहा, ‘इन एप्स में गोपनीयता से जुड़ी शर्तें इतनी चालाकी से लिखी जाती हैं कि आम आदमी उन्हें समझ ही नहीं पाता। यह लोगों की निजी जानकारी चोरी करने का शालीन तरीका है। कोर्ट ने कहा कि हम आपको ऐसा करने की अनुमति नहीं देंगे। आपको इस पर साफ-साफ भरोसा दिलाना होगा, नहीं तो कोर्ट को आदेश जारी करना पड़ेगा’।

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