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क्या रूस से तेल नहीं खरीदेगा भारत? ट्रंप के दावे पर नई दिल्ली ने दिया ये जवाब

Washington, DC, Feb 13 (ANI): Prime Minister Narendra Modi and U.S. President Donald Trump shake hands, at The White House in Washington, DC on Thursday. (ANI Photo)

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक महान व्यक्ति और भारत को एक अविश्वसनीय देश बताया है। इस बीच उन्होंने यह दावा किया कि पीएम मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि भारत अब और रूसी तेल नहीं खरीदेगा। इस पर भारत की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। 

व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मलेशिया में प्रधानमंत्री मोदी के साथ संभावित मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा हां, जरूर, वह मेरे दोस्त हैं। हमारे बीच बहुत अच्छे संबंध हैं।

उन्होंने आगे कहा वह एक महान व्यक्ति हैं। वह ट्रंप से प्यार करते हैं। मैंने वर्षों से भारत को देखा है। यह एक अविश्वसनीय देश है, और हर साल एक नया नेता आता है। मेरा मतलब है, कुछ नेता कुछ महीनों के लिए ही वहां रहते हैं, और यह साल दर साल होता रहा है। और मेरे दोस्त लंबे समय से वहां हैं।

इस बीच रूस से तेल खरीदने को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप का चौंकाने वाला बयान सामने आया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें “आश्वासन” दिया गया है कि भारत, रूस से तेल नहीं खरीदेगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह समझते हैं कि ऐसा “तुरंत” नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा उन्होंने आज मुझे आश्वासन दिया कि वे रूस से तेल नहीं खरीदेंगे। इसे तुरंत नहीं किया जा सकता है। यह एक छोटी सी प्रक्रिया है, लेकिन यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी, और हम राष्ट्रपति पुतिन से बस यही चाहते हैं कि वे युद्ध रोकें।

उन्होंने कहा, “कुछ ही समय में, वे रूस से तेल नहीं खरीदेंगे, और युद्ध समाप्त होने के बाद वे फिर से रूस से तेल का व्यापार करेंगे।

इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वह चीन पर भी “ऐसा ही करने” का दबाव डालेंगे। हालांकि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में रूसी तेल खरीदना शुरू किया है, जबकि चीन मास्को का सबसे बड़ा ऊर्जा खरीदार है।

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इस पर भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा भारत तेल और गैस का एक महत्वपूर्ण आयातक है। अस्थिर ऊर्जा परिदृश्य में भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना हमारी निरंतर प्राथमिकता रही है। हमारी आयात नीतियां पूरी तरह इसी उद्देश्य से निर्देशित होती हैं। स्थिर ऊर्जा मूल्य और सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करना हमारी ऊर्जा नीति के दोहरे लक्ष्य रहे हैं। इसमें हमारी ऊर्जा स्रोतों का व्यापक आधार बनाना और बाजार की स्थितियों के अनुरूप विविधीकरण करना शामिल है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि जहां तक अमेरिका का संबंध है, हम कई वर्षों से अपनी ऊर्जा खरीद का विस्तार करने का प्रयास कर रहे हैं। पिछले दशक में इसमें लगातार प्रगति हुई है। वर्तमान प्रशासन ने भारत के साथ ऊर्जा सहयोग को गहरा करने में रुचि दिखाई है। इस पर चर्चाएं जारी हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक खासियत है कि वह जब बोलते हैं, तो अपनी धुन में रहते हैं। उन्हें इस बात की इल्म नहीं होती कि जो दावे वो कर रहे हैं, उसमें कितनी सच्चाई परोसना और कितना झूठ। आंकड़े बताते हैं भारत आज भी रूस का दूसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल का आयातक देश है। इसके साथ ही भारत ने सितंबर 2025 में रूस से 25,597 करोड़ का कच्चा तेल खरीदा है। चीन रूस के कच्चे तेल का सबसे बड़े खरीदार देश है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद ही 7 युद्धों को सुलझाने का दावा कर दिया और खुद के लिए नोबेल शांति पुरस्कार की मांग भी कर ली। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर का भी दावा किया। ये और बात है कि भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति के इस दावे को सिरे से नकार दिया। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप को इस बात से कोई मतलब नहीं है कि वो जिस तरह के दावे करते हैं, उस पर किसी की सहमति की मुहर लगती है या नहीं। वह केवल कहते हैं क्योंकि उन्हें कहना है।

Pic Credit : ANI

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