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महिला आरक्षण विधेयक समय की मांग: अमित शाह

Vote In Such A Way In Second Phase That RJD Is Not Visible Even With Binoculars Amit Shah Said

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को ऐतिहासिक महिला आरक्षण विधेयक को समय की मांग बताते हुए सभी से इसका समर्थन करने का आग्रह किया। 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, “महिला आरक्षण बिल आज की जरूरत है। नीति-निर्माण में योगदान देने और राष्ट्र को सशक्त बनाने का यह हमारी ‘नारी शक्ति’ का उचित अधिकार है। मोदी सरकार इस कानून को लाने और लागू करने के लिए संकल्पित है।

गृह मंत्री ने कहा यह एक ऐसा बदलाव है जो निश्चित रूप से बेहतर के लिए होना चाहिए और वह भी बिना किसी देरी के। मुझे उम्मीद है कि हर कोई आगे आएगा और इस ऐतिहासिक कदम का समर्थन करेगा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस बिल को लेकर महिलाओं के नाम एक खुला पत्र लिखा।

एक्स पोस्ट में उन्होंने कहा पूरे देश में हमारी माताएं, बहनें और बेटियां वर्ष 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों से महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने के निर्णय की सराहना कर रही हैं। भारत की नारी शक्ति को समर्पित इस पत्र में मैंने अपने साथी नागरिकों के साथ उस संकल्प को शीघ्र ही साकार करने के विषय पर अपने विचार साझा किए हैं, जो दशकों से लंबित था।

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इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की ‘नारी शक्ति’ को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने विधायी निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण को मिल रहे बढ़ते समर्थन पर जोर दिया और इस लंबे समय से लंबित सुधार को लागू करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट में कहा पूरे भारत में महिलाएं विधायी निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने की इस पहल की सराहना कर रही हैं। यह रहा भारत की नारी शक्ति को मेरा पत्र, जिसमें मैं दशकों से लंबित इस सुधार को लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहरा रहा हूं।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र की शुरुआत पारंपरिक अभिवादन ‘नमस्कार’ से की और 14 अप्रैल के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख किया, जो बीआर अंबेडकर की जयंती का दिन है। डॉ. अंबेडकर को श्रद्धांजलि देते हुए पीएम मोदी ने राष्ट्र-निर्माण में उनके योगदान और संवैधानिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया, जो भारत की लोकतांत्रिक यात्रा को आज भी दिशा प्रदान करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे बताया कि संसद का सत्र 16 अप्रैल को फिर से शुरू होने वाला है, जिसमें ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से जुड़े एक महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

Pic Credit : ANI

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