अमेरिका ने ईरान के खिलाफ लगातार नौवीं रात हवाई हमले कर अपने सैन्य अभियान को और तेज कर दिया है और इस संघर्ष के विस्तार के साथ एक और अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई है। इसके बावजूद ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह तब तक किसी वार्ता के लिए तैयार नहीं है, जब तक उसे युद्ध क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत नहीं मिल जाती।
अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने बताया कि शनिवार शाम स्थानीय समयानुसार सात बजे से लगातार नौवीं रात ईरान के खिलाफ नये हवाई हमले शुरू किये गये। सेंटकॉम के अनुसार, इन हमलों में ईरानी सैन्य कमान केंद्रों, मिसाइल और ड्रोन प्रक्षेपण स्थलों, वायु रक्षा प्रणालियों, तटीय निगरानी केंद्रों, समुद्री सैन्य ढांचे और संचार नेटवर्क को निशाना बनाया गया।
सेंटकॉम ने कहा कि इन अभियानों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक नौवहन के लिए खतरा पैदा करने वाली ईरानी सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करना है।
अमेरिकी सेना ने बताया कि उत्तरी इराक में मार गिराये गये एक ईरानी ड्रोन से बरामद विस्फोटक सामग्री को निष्क्रिय करने के दौरान एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गयी। इससे पहले शुक्रवार को जॉर्डन में ईरानी हमले में दो अमेरिकी सैनिक मारे गए थे। अधिकारियों ने बाद में बताया कि मानव अवशेष बरामद किए गए हैं और उनकी पहचान कर यह पुष्टि की जा रही है कि वे पहले लापता बताए गए सैनिक के हैं।
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ताजा हवाई हमले मारे गये सैनिकों की मौत का बदला लेने के लिए किये गये हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है और उसके पास अब बहुत सीमित मिसाइल, ड्रोन तथा उत्पादन क्षमता बची है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सरकारी समाचार एजेंसी इरना से कहा कि युद्ध का अंत या तो निर्णायक सैन्य जीत से होगा या फिर वार्ता के जरिए। उन्होंने कहा कि बातचीत का उचित समय वही होगा, जब ईरान सैन्य मोर्चे पर विश्वसनीय बढ़त हासिल कर लेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि युद्ध के बावजूद ईरान एक प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय शक्ति के रूप में उभरा है।
इस बीच, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और जॉर्डन के अकाबा हवाई अड्डे पर अमेरिकी विमानों को निशाना बनाने का दावा किया। हालांकि कुवैत ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरानी ड्रोन को मार गिराया। बहरीन में संभावित ईरानी हमले की आशंका के बीच चेतावनी सायरन बजाए गए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई। वहीं, अमेरिकी दूतावास ने मध्य मनामा में संभावित हमलों को लेकर चेतावनी जारी की।
उधर, यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने ओमान के तट के पास एक जहाज में आग लगने की सूचना दी है। हालांकि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। इस बीच, अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, युद्ध के और फैलने की आशंका से वैश्विक ऊर्जा बाजारों में चिंता बढ़ गई है। ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गयी, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) कच्चा तेल 85 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार करता देखा गया।
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