Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar

सिडनी आतंकी हमले पर फूटा ट्रंप का गुस्सा

New York [US], Sep 23 (ANI): U.S. President Donald Trump addresses the 80th United Nations General Assembly, at U.N. headquarters in New York City on Tuesday. (Reuters/ANI Photo)

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में यहूदियों पर रविवार 14 दिसंबर को हुए आतंकी हमले की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी निंदा की। इसके साथ ही उन्होंने दुनिया के तमाम देशों को कट्टर इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। 

बता दें, सिडनी के बोंडी बीच पर हनुक्का इवेंट में हुई मास शूटिंग में 15 लोग मारे गए। इसे लेकर ट्रंप ने व्हाइट हाउस में हनुक्का रिसेप्शन में कहा, “सभी देशों को कट्टर इस्लामिक आतंकवाद की बुरी ताकतों के खिलाफ एक साथ खड़ा होना चाहिए, और हम ऐसा कर रहे हैं।

बता दें, बोंडी बीच हमले का आतंकी पहले पाकिस्तानी बताया जा रहा था। खुलासा हुआ है कि इस हमले को अंजाम देने से पहले दोनों आतंकी पिछले महीने फिलीपींस गए थे। फिलीपींस के अधिकारियों का दावा है कि ये आतंकी भारतीय पासपोर्ट पर फिलीपींस आए थे। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया की जांच टीम फिलहाल इसकी जांच कर रही है कि दोनों फिलीपींस किस वजह से गए थे।

दूसरी ओर, भारत की तेलंगाना पुलिस ने पुष्टि की है कि साजिद अकरम (50) असल में दक्षिणी शहर हैदराबाद का रहने वाला था और उसके पास भारतीय पासपोर्ट था। उन्होंने कहा कि उसने यूरोपियन मूल की एक महिला से शादी की और 1998 में नौकरी के मौकों की तलाश में ऑस्ट्रेलिया चला गया था। वह भारत में अपने परिवार से बहुत कम संपर्क में था।

Also Read : शेरों की धरती पर आकर बहुत अच्छा लगा

तेलंगाना स्टेट पुलिस चीफ, बी. शिवधर रेड्डी ने एक बयान में कहा, “परिवार वालों को उसकी कट्टर सोच या गतिविधियों के बारे में और न ही उन हालात के बारे में कोई जानकारी है जिनकी वजह से वह कट्टरपंथी बना।

ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने साजिद अकरम को मार गिराया था, जबकि उसका 24 साल का बेटा नवीद अकरम घायल हो गया और अभी भी हॉस्पिटल में है। साजिद के सभी कनेक्शन को ट्रैक कर रही इंटेलिजेंस एजेंसियों को पता चला कि वह हैदराबाद के टोली चौक में अल हसनाथ कॉलोनी का रहने वाला था।

फिलहाल इस बात का कोई संकेत नहीं है कि साजिद भारत में कट्टरपंथी बना था। अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी तरह से विचारधारा से प्रेरित हमला था, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई। जांच में विसम हद्दाद नाम के एक कुख्यात मौलवी का पता चला है, जो इस्लामिक स्टेट से जुड़ा है। हद्दाद इस्लामिक स्टेट की कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार करता है और कई चेतावनियों के बावजूद, ऑस्ट्रेलियाई एजेंसियां ​​उसके खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रहीं।

Pic Credit : ANI

Exit mobile version